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Wireless Charging टेक्नोलॉजी क्या है? और यह कैसे काम करती है?

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आपने Wireless Charging के बारे में तो जरूर सुना होगा। क्योंकि अब तक इस टेक्नोलॉजी के साथ कई सारे Smartphones लॉन्च हो चुके हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि यह Wireless Charging टेक्नोलॉजी क्या है? और यह कैसे काम करती है? नहीं? चलिए, कोई बात नहीं। क्योंकि आज हम इसी के बारे में बात करने वाले हैं। आज के इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि Wireless Charging टेक्नोलॉजी क्या है? यह कैसे काम करती है? और इससे बिना किसी Wire (तार) के Phone कैसे Charge होता है? तो आइए, शुरू से शुरू करते हैं।

Wireless Charging

जब हम Wireless Charger की मदद से किसी Phone को Charge होते हुए देखते हैं। तो यह हमें किसी जादू से कम नहीं लगता। क्योंकि आज तक हमने Electricity को सिर्फ Wires के जरिए Travel (यात्रा) करते देखा है। लेकिन Wireless Charging Technology में Wire का इस्तेमाल नहीं होता। ऐसे में बिना किसी Wire के फोन का चार्ज होना हमें आश्चर्यचकित करता है। साथ ही मन में कई सारे सवाल पैदा करता है। जैसे कि बिना तार के Battery तक करंट कैसे पहुँचता है? क्या करंट हवा में Travel करता है? अगर हाँ तो Phone या Charger को छूने पर हमें झटका क्यों नहीं लगता? वगैरह-वगैरह।

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लेकिन जब हम इन सवालों का जवाब ढूँढने की कोशिश करते हैं। तो हमें कोई भी सीधा, सरल और आसान जवाब नहीं मिलता। क्योंकि यह एक तकनीकी से जुड़ा विषय है। इसीलिए इसमें बहुत-से जटिल और तकनीकी शब्दों का प्रयोग होता है। लेकिन एक आम इंसान के लिए इस तरह की शब्दावली को समझना काफी मुश्किल होता है। इसीलिए मैं आपको आसान से आसान भाषा में समझाने की कोशिश करूँगा। ताकि आपके मन में कोई Doubt न रहे।

Wireless Charging क्या है?

वायरलेस चार्जिंग बिना तार के Power Transfer करने की एक तकनीक है। जो Electromagnetic Induction की मदद से काम करती है। यानि कि इसमें Power Transfer करने के लिए Magnetic Field (चुम्बकीय क्षेत्र) का उपयोग किया जाता है। इसका मतलब यह है कि फोन को चार्ज करने के लिए किसी वायर या केबल से कनेक्ट करने की जरूरत नहीं पड़ती। क्योंकि चार्जिंग पैड के उपर रखते ही Phone अपने आप Charge होना शुरू हो जाता है। इसीलिए इसे वायरलेस चार्जिंग कहा जाता है।

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आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि Wireless Charging को Inductive Charging (इंंडक्टिव चार्जिंग) और Cordless Charging (कॉर्डलेस चार्जिंग) के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन सवाल यह है कि Wireless Charging काम कैसे करती है? How does wireless charging work? आइए आसान भाषा में समझते हैं।

Wireless Charging कैसे काम करती है?

वायरलेस चार्जिंग दो हिस्सों में काम करती हैं। पहला हिस्सा एक चार्जिंग स्टेशन (पैड) होता है, जो विद्युत आपूर्ति से जुड़ा हुआ होता है। इसमें एक ट्रांसमीटर कॉइल होता है। वहीं दूसरा हिस्सा फोन के अन्दर मौजूद होता है, जो कि एक रिसीवर कॉइल के रूप में काम करता है। जब ये दोनों कॉइल आपस में मिलते हैं तो Magnetism (चुम्बकत्व) की मदद से कम्पन करने लगते हैं। इससे फोन के अंदर मौजूद कॉइल (कुण्डली) में EMF (Electromotive Force) का निर्माण होता है। यही EMF फोन में लगे चार्जिंग सर्किट के माध्यम से Power Transfer करता है, जिससे बैटरी चार्ज होती है।

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असल में Wireless Charging एक महंगी और जटिल प्रक्रिया है। इससे चार्जिंग में काफी लम्बा समय लगता है। साथ ही फोन का गर्म होना भी एक बड़ी समस्या है। लेकिन इससे भी बड़ी समस्या यह है कि एक नॉर्मल Wired Charger की तरह Wireless Charger से आप किसी और Phone को Charge नहीं कर सकते। क्योंकि Wireless Charger फोन के हिसाब से डिजायन किया जाता है। इसीलिए वह दूसरे फोन के साथ काम नहीं करता।

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Wireless Charging

झटका क्यों नहीं लगता?

अब सवाल यह है कि जब हम बिजली को छूते हैं तो हमें करंट (झटका) लगता है। लेकिन Wireless Charger अथवा Phone को छूने पर हमेंं झटका क्यों नहीं लगता? तो इसका जवाब बहुत ही आसान है। दरअसल Wireless Charger से बेहद कम पॉवर के सिग्नल्स निकलते हैं, जिनकी रेंज बहुत कम होती है। दूसरी बात Wireless Charger से डायरेक्ट विद्युत ऊर्जा नहीं निकलती। बल्कि चुम्बकीय ऊर्जा (Magnetic Energy) निकलती है। जिसे फोन के अंदर मौजूद सर्किट द्वारा विद्युत ऊर्जा में बदला जाता है। और उसके बाद उससे बैटरी को चार्ज किया जाता है। इसीलिए Wireless Charger से करंट (झटका) नहीं लगता।

Phones With Wireless Charging

अब सवाल यह है ऐसे कौन-कौनसे Smartphones हैं, जो Wireless Charging को सपोर्ट करते हैं? तो फिलहाल ऐसे स्मार्टफोन्स की संख्या काफी कम है। इस वक्त मार्केट में सिर्फ गिने-चुने Smartphones ही हैं। जो वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करते हैं। इनमें Smasung Galaxy S9, S10, S20, Note 9 और Note 10 सीरीज, Google Pixel 3/3XL, Google Pixel 4/4XL, LG G7, G8, V40, V50 और V60 ThinQ, Xiaomi Mi9, Mi9 Explorer, Mi Mix 3, Huawei P30, Huawei Mate 20 Pro, Sony Xperia XZ2/XZ3, ZTE Exon 10 Pro, iPhone 10, iPhone 11 और Nokia 9 PureView जैसे स्मार्टफोन्स शामिल हैं।

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फिलहाल Wireless Charging Technology काफी महंगी है। इसीलिए यह सिर्फ हाईएंड Flagship Smartphones में ही देखने को मिलती है। लेकिन आने वाले समय में यह सस्ते फोन्स में भी देखने को मिलेगी। क्योंकि स्मार्टफोन्स के लिए यह तकनीकी अभी नई है। साथ ही इसमें कई खामियाँ भी है। लेकिन अपेक्षित सुधार के बाद इसकी लागत काफी कम हो जाएगी।

वायरलेस चार्जिंग का भविष्य

अगर आज के हिसाब से देखें तो Wireless Charging एक धीमी और खर्चीली प्रणाली नजर आती है। लेकिन भविष्य में यह हमें हर फोन में देखने को मिल सकती है। क्योंकि Smartphone कंपनियां इसे अपने Phones में लगातार इस्तेमाल कर रही हैं। और आने वाले दिनों में सिर्फ महंगे फोन्स में ही नहीं, बल्कि मिडरेंज और बजटरेंज स्मार्टफोन्स में भी यह तकनीकी देखने को मिलेगी। हालांकि अभी यह तकनीकी धीमी और महंगी जरूर है। लेकिन भविष्य में इसमें काफी सुधार होगें। जिससे यह Fast और कम खर्चीली प्रणाली बन जाएगी।

उम्मीद है इस आर्टिकल के जरिए आपको Wireless Charging Kya Hai? और यह कैसे काम करती है? इस विषय में काफी उपयोगी जानकारी मिली होगी। अगर अब भी इस विषय को लेकर आपके मन में कोई सवाल है! तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। अगर यह आर्टिकल आपको पसंद आया तो इसे Like और Share कीजिए। और ऐसे ही ज्ञानवर्धक आर्टिकल्स के लिए टेकसेवी डॉट कॉम को Subscribe कर लीजिए। ताकि जैसे ही हमारा नया आर्टिकल प्रकाशित हो! आपको उसका Notification मिल जाए।

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