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WWW (World Wide Web) क्या है? यह कैसे काम करता है?

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जब हमें कोई Information चाहिए होती है तो हम उसे Google पर Search करते हैं। और पल झपकते ही उस Information तक पहुंच जाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि यह इन्फोर्मेशन कहाँ रखी होती है? और इसे कौन कंट्रोल करता है? नहीं? चलिए कोई बात नहीं! हम बता देते हैं। असल में यह सारी इन्फॉर्मेशन वर्ल्ड वाइड वेब यानि कि डब्ल्यू.डब्ल्यू.डब्ल्यू. पर मौजूद होती है। लेकिन सवाल यह है कि यह WWW (World Wide Web) क्या है? और यह काम कैसे करता है? साथ ही इसे कंट्रोल कौन करता है? आइए, विस्तार से जानते हैं।

WWW (World Wide Web)

वर्ल्ड वाइड वेब को संक्षेप में Web कहा जाता है। यह सूचनाओं का एक ऐसा भंडार है, जिसकी थाह लेना लगभग नामुमकिन है। आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस वेब को हम इस्तेमाल करते हैं, वह सम्पूर्ण वेब का मात्र 4% हिस्सा है। मगर यह 4% हिस्सा इतना बड़ा है कि इसे Explore करने में हजारों साल लग जाऐंगे। मगर फिर भी यह पूरा Explore नहीं होगा। अब आप खुद समझ सकते हैं कि जब 4% हिस्सा इतना बड़ा है! तो बाकी का 96% हिस्सा कितना बड़ा होगा?

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असल में World Wide Web एक बहुत ही विशाल और विश्वस्तरीय Database है! जिसमें अनगिनत सूचनाऐं भरी हुई है। इसे दुनिया के किसी भी कोने से Access किया जा सकता है। बस आपके पास Internet की सुविधा होनी चाहिए। हालांकि कुछ लोग Web और Internet को एक ही चीज समझते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। वेब और इंटरनेट, दोनों अलग-अलग चीजें हैं। खैर, इसके बारे में हम आगे बात करेंगे। फिलहाल यह समझ लेते हैं www क्या है? और यह कैसे काम करता है?

WWW (World Wide Web) क्या है?

वर्ल्ड वाइड वेब एक विशाल Digital Library है, जिसमें असंख्य Hypertext Documents मौजूद हैं। और ये सारे डॉक्यूमेंट्स Hyperlinks के जरिए आपस में जुड़े हुए हैं। इसमें Texts, Images, Audio और Video सभी तरह की फाईलें शामिल हैं। अगर आसान भाषा में कहें तो, वर्ल्ड वाइड वेब सूचनाओं का एक विशाल Network है। जो अनगिनत Websites और Webpages से मिलकर बना है। और सभी वेबसाइट्स और वेबपेजेज आपस में Interlinked हैं।

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यानि कि यह एक Global Network है। जो HTML, HTTP, Web Servers, Webpages और Hyperlinks से मिलकर बना है। और दुनियाभर के Computers इससे जुड़े हुए हैं। हालांकि World Wide Web और Internet दोनों अलग-अलग चीजें हैं। लेकिन इनका आपस में बहुत ही गहरा रिश्ता है। खैर, इसके बारे में हम आगे बात करेंगे। फिलहाल यह समझते हैं कि World Wide Web काम कैसे करता है?

WWW कैसे काम करता है?

वर्ल्ड वाइड वेब असल में HTML, HTTP, Web Servers, Websites, Webpages, Hypertext, URLs, Hyperlinks और Browser की मदद से काम करता है। इसीलिए वर्ल्ड वाइड वेब की कार्यप्रणाली को समझने के लिए इन सभी के बारे में जानना जरूरी है। सो आइए, एक-एक करके समझते हैं।

Websites & Webpages

वर्ल्ड वाइड वेब में सूचनाओं को Websites के रूप में रखा जाता है। और प्रत्येक वेबसाइट में कई सारे Webpages होते हैं, जो आपस में Interlinked होते हैं। यानि कि एक पेज दूसरे पेज, और दूसरे से तीसरे, चौथे, पाँचवे… पेज या वेबसाइट पर जाया जा सकता है। उदाहरण के लिए आप टेकसेवी डॉट कॉम को ही ले लीजिए। इसमें जितने भी आर्टिकल्स हैं, वे सब Webpages हैं। और सभी आपस में जुड़े हुए हैं। आप नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करके यहाँ से Direct दूसरे वेबपेज पर जा सकते हैं।

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एक वेबपेज में सिर्फ Texts ही नहीं होते। बल्कि Texts के अलावा भी कई सारी चीजें होती हैं। जैसे कि Images, Audio, Videos, Tables, Headings, Hyperlinks, URLs, CSS, HTML वगैरह-वगैरह। वेबपेज को Hypertext Document, Web Document और HTML Document के नाम से भी जाना जाता है।

HTML

वेबपेजेज को HTML (Hypertext Markup Language) में लिखा जाता हैं। यह दरअसल एक Standard Markup Language है। जो Web Documents को Design करने के लिए प्रयुक्त होती है। यानि कि इसकी मदद से Webpages को Design किया जाता है। अगर आप एक Blogger या Web Designer हैं! तो आपको इसके बारे में अच्छे-से पता होगा।

Web Server

एक Website को अपनी Files को Host और Distribute करने के लिए Web Server की जरूरत पड़ती है। इसीलिए प्रत्येक वेबसाइट का एक Web Server होता है। जहाँ उस Website की तमाम Files को Store करके रखा जाता है। और जब कोई User किसी File के लिए Request करता है! तो उसे वह फाईल उपलब्ध करवाई जाती है। यानि कि वेब सर्वर न सिर्फ Files को Manage करता है। बल्कि Traffic को भी कंट्रोल करता है।

URL

अब सवाल यह है कि वर्ल्ड वाइड वेब में Websites और Webpages को ढूँढा कैसे जाता है? तो इसके लिए प्रत्येक वेबसाइट और वेबपेज का एक Unique एड्रेस होता है। जिसे URL (Uniform Resource Locator) कहा जाता है। इसी URL की मदद से एक वेबसाइट, वेबपेज या फाईल तक पहुंचा जाता है। इसे Web Address भी कहा जाता है।

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आमतौर पर एक URL के तीन मुख्य भाग होते हैं – Protocol, Domain Name और Path. अगर मैं अपनी इस वेबसाइट की बात करूँ तो इसका यूआरएल https://www.techsevi.com है। इसके शुरुआत में जो HTTPS है, यह Protocol है। उसके बाद WWW वर्ल्ड वाइड वेब को दर्शाता है। वहीं Techsevi डोमेन नेम है और .Com एक Top-Level Domain (TLD) है।

Web Browser

आप इस वक्त यह जो आर्टिकल पढ़ रहे हैं, यह असल में ऐसा नहीं है। यह एक HTML Page है, जो कई सारे Codes से मिलकर बना है। अगर आप इसके वास्तविक रूप को देखेंगे तो आपको कुछ समझ नहीं आएगा कि यह क्या है? क्योंकि आपको इसमें सिर्फ भद्दे Codes ही Codes नजर आऐंगे। इसीलिए World Wide Web पर मौजूद सामग्री को देखने और उसके साथ Interact करने के लिए Browser की जरूरत पड़ती है। क्योंकि ब्राउज़र हमें Graphical Interface मुहैया करवाता है।

असल में जब आप अपने ब्राउजर में किसी Webpage को ओपन करते हैं। तो आपका ब्राउज़र एक Request Generate करता है। और उसे HTTP Protocol के जरिए उस वेबसाइट के Server पर भेज देता है, जहाँ वह वेबपेज रखा होता है। आपकी Request मिलते ही Server उस Webpage को खोजता है। और HTTP के जरिए वापिस उसे आपके Browser को भेज देता है। जो कि आपके Phone या Computer की स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाता है।

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इस तरह एक ब्राउजर World Wide Web से Communicate करता है। और सूचनाओं को प्राप्त करके आपके फोन या कम्प्यूटर की स्क्रीन पर प्रदशित करता है। इसमें Webpages का Structure, अलग-अलग Elements, उनकी जगह, साईज और Colours जैसी बहुत सारी चीजें होती हैं। आप उपर दी गई लिंक पर क्लिक करके विस्तार से जान सकते हैं।

HTTP

यह एक फाईल ट्रांसफर प्रोटोकॉल है। जो World Wide Web और Web Browser के बीच Communication का काम करता है। यानि कि वर्ल्ड वाइड वेब से जो भी Data का आदान-प्रदान होता है, वह इसी के जरिए होता है। इसका पूरा नाम Hypertext Transfer Protocol (HTTP) है। आपने बहुत-सी वेबसाइट के URL में HTTPS लिखा हुआ जरूर देखा होगा। जैसे कि टेकसेवी डॉट कॉम के यूआरएल में भी है। यह दरअसल Secure Connection को Show करता है।

Hyperlink

Hypertext Documents को Link करने के लिए Hyperlink का प्रयोग किया जाता है। यह एक ऐसी लिंक होती है, जिस पर क्लिक करके किसी भी Webpage पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। उदाहरण के लिए, नीचे दी गई लिंक एक Hyperlink है। जिस पर क्लिक करके आप यहाँ से डायरेक्ट दूसरे Page पर जा सकते हैं।

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आमतौर पर एक हाईपरलिंक Text, Image, Audio, Video किसी भी रूप में हो सकती है। जैसे कि अगर आप किसी Image पर क्लिक करें। और क्लिक करते ही दूसरे पेज पर पहुँच जाऐं तो वह Image निःसंदेह एक हाईपरलिंक है। इसी तरह World Wide Web पर अनगिनत Hyperlinks हैं। जो सूचनाओं को तेजी से Access करने में मदद करती है।

World Wide Web की खोज

अब सवाल यह है कि वर्ल्ड वाइड वेब की खोज किसने की? Who invented the world wide web? तो इसका श्रेय Tim Berners-Lee को जाता है। क्योंकि Tim Burners-Lee पहले इंसान थे, जिन्होंने 1989 में पहली बार WWW का प्रयोग किया। और HTTP Client व Server के बीच सफलतापूर्वक Communication स्थापित किया। इसीलिए उन्हें वर्ल्ड वाइड वेब का जनक (Father of World Wide Web) कहा जाता है। 

World Wide Web के प्रकार

वर्ल्ड वाइड वेब बहुत विशाल है। इसे 2 भागों में बांटा गया है। पहला, Surface Web और दूसरा Deep Web. लेकिन Deep Web का एक हिस्सा ऐसा भी है, जो काफी रहस्यमयी है। इसी रहस्यमयी हिस्से को हम Dark Web, Dark Net और Black Web के नाम से जानते हैं। खैर, आइए Surface Web, Deep Web और Dark Web के बारे में जानते हैं।

1. Surface Web

यह वर्ल्ड वाइड वेब की सबसे उपरी सतह है, जो सम्पूर्ण Web का मात्र 4% हिस्सा है। इसे Search Engines द्वारा आसानी से खोजा जा सकता है। और Google Chrome, Brave, Edge और Opera जैसे किसी भी नॉर्मल ब्राउजर से Access किया जा सकता है। Google, Facebook, Twitter, Instagram, WhatsApp और Youtube जैसी करोड़ों वेबसाइट्स इसी Surface Web में मौजूद हैं। अगर आसान भाषा में कहूँ तो जो जानकारी हमें Google पर मिल जाती है, वह सब Surface Web में मौजूद है।

2. Deep Web

वर्ल्ड वाइड वेब का 96% हिस्सा Deep Web के अंदर आता है। जो कि पूरी तरह छुपा हुआ है। इसे न तो Search Engines द्वारा खोजा जा सकता है। और न ही Google Chrome जैसे नॉर्मल Browsers से Access किया जा सकता है। इसीलिए इसे Access करने के लिए विशेष Configuration और Tools की जरूरत पड़ती है।

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आमतौर पर इसमें Subscription Based Data, सरकारी दस्तावेज, बैंकों के फाइनेंसियल डिटेल्स, Medical Science के Research Papers, अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़े दस्तावेज और इसी तरह के अन्य Secret Documents को रखा जाता है। क्योंकि यहाँ गजब की Privacy और Security मिलती है। आपको बताना चाहूँगा कि Deep Web का ज्यादातर हिस्सा साफ-सुथरा है। और Legal Activities के लिए इस्तेमाल होता है।

3. Dark Web

यह Deep Web का ही एक छोटा-सा कोना है, जहाँ यहाँ दुनियाभर के काले (illegal) काम होते हैं। इसीलिए इसे Black Deep Web भी कहा जाता है। यहाँ Drugs, अवैध हथियार, चोरी का सामान, Humen Trafficing, Child Pornography, Credit और Debit Card की Details, Live Murder, मानव-अंगों की तस्करी, बायोलोजिकल एक्सपेरिमेंट्स, Cyber Crime और Hacking जैसे घिनौने काम होते हैंं। इसीलिए इसे इंटरनेट की काली दुनिया के नाम से जाता है। आपको बताना चाहूँगा कि Dark Web को Access करना illegal यानि कि गैर-कानूनी है।

World Wide Web Vs Internet

अब सवाल यह है कि World Wide Web और Internet में क्या फर्क है? तो मैं आपको एकदम आसान तरीके से समझाता हूँ। आपके घर में लाईट तो जरूर होगी? अगर लाईट है तो बल्ब भी होगा? बस इसी से समझने की कोशिश करते हैं। मान लीजिए कि आपके घर में जो बल्ब लगा है, वह आपके फोन की स्क्रीन है। और जिस पॉवर ग्रिड से आपके यहाँ बिजली आती है, वह WWW (World Wide Web) है।

अब पॉवर ग्रिड (www) से आपके बल्ब (Phone) तक बिजली (Webpage) पहुँचाने के लिए कुछ तो चाहिए? क्या चाहिए? एक Wire (तार)? जी हाँ, एक वायर चाहिए। और यही वायर आपका Internet है। यानि कि जिस तरह पॉवर ग्रिड से बिजली को बल्ब तक पहुँचाने के लिए Wire की जरूरत पड़ती है। ठीक उसी तरह WWW से Webpages आपके फोन की स्क्रीन तक पहुँचाने के लिए Internet की जरूरत पड़ती है।

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यानि कि वर्ल्ड वाइड वेब एक Information Hub है। और Internet इस Information को Distribute करने का एक माध्यम। इसीलिए वर्ल्ड वाइड वेब पूरी तरह इंटरनेट पर निर्भर है। यानि कि बिना Internet के वर्ल्ड वाइड वेब का कोई अस्तित्व नहीं है। क्योंकि बिना इंटरनेट के न तो www से जुड़ सकते हैं। और न ही Data का आदान-प्रदान कर सकते हैं। इसीलिए www से Communicate करने के लिए इंटरनेट अनिवार्य है।

WWW(World Wide Web) : Summary

कुल मिलाकर World Wide Web सूचनाओं का एक असीम भंडार है। जो Web Servers, Websites, Webpages, Hyperlinks और HTML जैसी तकनीकों से मिलकर बना है। यह एक Global Information System है। जो Internet की मदद से दुनिया के किसी भी कोने से Access किया जा सकता है। इसे दो भागों में बांटा गया है – Surface Web और Deep Web. डीप वेब का एक हिस्सा Dark Web के नाम से जाना जाता है, जो कि illegal Activities के प्रसिद्ध है।

उम्मीद करता हूँ इस आर्टिकल के जरिए आपको अच्छे-से समझ में आ गया होगा कि WWW (World Wide Web) Kya Hai? और यह कैसे काम करता है? अगर यह आर्टिकल आपको पसंद आया तो इसे Like और Share कीजिए। और ऐसे ही ज्ञानवर्धक आर्टिकल्स के लिए टेकसेवी डॉट कॉम को Subscribe कर लीजिए। ताकि जब भी हम कोई नया आर्टिकल पब्लिश करें! आपको उसकी सूचना मिल जाए।

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