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Phone Addiction से छोटे बच्चों को कैसे दूर रखें?

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आज हर माता-पिता के सामने एक ही समस्या है कि अपने बच्चों को फोन की लत से कैसे दूर रखें? How to keep children away from phone addiction? और बच्चों को किस उम्र में फोन दें? क्योंकि Phone Addiction की वजह से बच्चों की पढ़ाई खराब हो रही है। साथ ही उनके स्वास्थ्य पर भी काफी बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में Parents के लिए यह गंभीर चिंता का विषय है। अगर आप भी एक अभिभावक हैं। और अपने बच्चों को फोन से दूर रखना चाहते हैं! तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़िए। आपके लिए काफी मददगार साबित होगा। Cell Phone Addiction & Solutions

Phone Addiction

यह आर्टिकल बाल मनोविज्ञान (Child Psycology) पर आधारित है। और बच्चों की पसंद-नापसंद, रूचि-अरूचि, सोचने-समझने की क्षमता, भावनाओं, संवेदनाओं और स्वभाव को ध्यान में रखकर लिखा गया है। इसमें बताए गए प्रयोग बच्चों के मानसिक स्तर के अनुरूप हैं। और ये प्रयोग ‘जड़ से शीर्ष‘ के क्रम में हैं। यानि कि आपको चरण-दर-चरण (Step By Step) आगे बढ़ना है।

ध्यान रहे, एक भी चरण छोड़ना नहीं है। क्योंकि हरेक चरण महत्वपूर्ण है। कोई चरण आपको फालतू लग सकता है। लेकिन आपके बच्चे के लिए वह बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि बच्चों का मानसिक स्तर, वयस्क व्यक्ति के मानसिक स्तर से बिल्कुल अलग होता है। इसलिए आर्टिकल में बताए गए प्रयोगों को गंभीरता से लें।

Phone Addiction की शुरुआत

सबसे पहले तो आपको यह पता लगाना होगा कि समस्या की शुरुआत कहाँ से हुई? यानि कि समस्या की जड़ (Root of the problem) कहाँ है? क्योंकि जब तक आप जड़ पर काम नहीं करेंगे। तब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। और आप चाहकर भी अपने बच्चों को फोन से दूर नहीं कर पाऐंगे। कुछ लोग इस मामले में बहुत ही सख्ती से पेश आते हैं। वे सोचते हैं कि अगर बच्चे से Phone छीन लिया जाए। और ज्यादा चूँ-चपड़ करने पर थप्पड़ मारकर चुप करा दिया जाए! तो समस्या खत्म हो जाएगी। लेकिन यह बिल्कुल गलत हैं। क्योंकि यह समस्या का समाधान नहीं, बल्कि दमन है।

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दमन से समस्या हल नहीं होती है, बल्कि और भी बलवती हो जाती है। और बाद में उसके कई गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। इसलिए समस्या को दबाने की बजाय उसका हल ढूँढना चाहिए। अगर किसी समस्या का समय रहते समाधान हो जाता है तो समस्या खत्म हो जाती है। लेकिन वहीं अगर समस्या को दबाकर रखा जाए तो समय के साथ-साथ वह और भी बवलती होती जाती है। और अंत में एक लाईलाज बीमारी का रूप धारण कर लेती है।

इसलिए समस्या का पता लगते ही उसका हल ढूँढना चाहिए। और सबसे बेहतर तरीका यह है कि समस्या की जड़ पर वार किया जाए। लेकिन कैसे? How to get rid of mobile addictio for children?

Phone Addiction का समाधान

जरा विचार कीजिए कि आपके बच्चे को फोन की लत आखिर लगी कैसे? How did the child get addicted? उसको फोन दिया किसने? जाहिर-सी बात है! बच्चे के पास तो इतने पैसे होंगे नहीं कि वह खुद का Phone खरीद सके। ऐसे में कहीं न कहीं इसके पीछे कोई ना कोई जिम्मेदार जरूर होगा। मुझे इसकी 3 संभावनाएं नजर आती हैं :-

  • आपने (माता-पिता या अभिभावक ने) बच्चे को Phone दिया होगा।
  • अगर बच्चा कहीं बाहर (नानी, मौसी आदि के पास) रहकर आया है! तो उसे वहाँ फोन की लत लगी होगी।
  • अगर आपका बच्चा हॉस्टल में रहा है। या फिर घर में अकेला रहा है! तो इसमें उसके दोस्तों की भी भूमिका हो सकती है।

लेकिन जिम्मेदार जो भी हो! समस्या का समाधान आपको ही करना है। और इसके लिए Cell Phone Addiction Treatment अप्रोच को अपनाने की जरूरत है। कैसे? आइए, समझते हैं:-

1. अगर बच्चा बाहर रहा है

अगर बच्चा अपने ननिहाल या किसी रिश्तेदार के यहाँ रहकर Phone का Addict हो गया है तो घबराऐं नहीं। क्योंकि इसका प्रभाव बच्चे पर ज्यादा दिन तक नहीं रहेगा। घर आते ही बच्चा वापिस पुराने माहौल में आ जाएगा। और पहले की तरह नॉर्मल हो जाएगा। लेकिन ध्यान रहे, कुछ दिनों तक बच्चे को Phone से दूर रखना होगा। अगर आपने आते ही बच्चे को Phone पकड़ा दिया! तो उसे फोन की भयंकर लत लग जाएगी। और उसके बाद उसकी लत छुड़ाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। इसलिए समय रहते समस्या को पहचानें। और उसका उचित समाधान करें।

2. अगर जिम्मेदार दोस्त हैं

ज्यादातर माता-पिता कामकाज की वजह से घर से बाहर रहते हैं। और बच्चे घर पर अकेले रहते हैं। ऐसे में बच्चे अकेलेपन को दूर करने के लिए अपने दोस्तों के यहाँ चले जाते हैं। या फिर दोस्तों को अपने घर बुला लेते हैं। यहाँ तक तो फिर भी ठीक है। लेकिन जब बच्चों को पूरी आजादी मिल जाती है। और उन्हें टोकने वाला कोई नहीं होता! तो वे कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र होते हैं। ऐसे में बच्चे अपनी आजादी का भरपूर फायदा उठाते हैं। और हर वो काम करके देखते है। जिसको करने के लिए माता-पिता ने मना किया हो। ऐसे में अगर आपके घर में या फिर आपके बच्चे के दोस्त के घर में Phone है! तो बच्चे Phone के Addict हो जाएंगे।

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अगर दोस्तों की वजह से आपका बच्चा Phone का Addict हो गया है! तो इसमें गलती आपकी भी है। इसलिए सबसे पहले तो यह सुनिश्चित करें कि बच्चा कभी भी अकेला न रहे। बल्कि हमेशा आपकी निगरानी में रहे। उसके बाद बच्चे को ऐसे दोस्तों से दूर रखने का प्रयास करें, जिनके पास Phone है। और टोकने वाला कोई नहीं है। यह काम बेहद सोच-समझकर व धैर्य के साथ करें। क्योंकि अगर आप बच्चे को उसके दोस्तों से जबरन दूर करने की कोशिश करेंगे! तो बच्चा आपको ही अपना दुश्मन समझ बैठेगा। इसलिए सोच-समझकर आगे बढ़ें।

3. अगर जिम्मेदार आप हैं

अगर बच्चे को पहली बार Phone आप ही ने दिया था। और आप खुद को इसका जिम्मेदार मानते हैं! तो खुद से एक सवाल कीजिए कि आपने बच्चे को फोन क्यों दिया था? इस सवाल के जवाब में ही आपकी Problem का Solution छुपा है। ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि माता-पिता अपने-अपने काम में व्यस्त रहते हैं। और कुछ माता-पिता तो घर आने के बाद भी ऑफिस के काम में उलझे रहते हैं। इसलिए वे बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते हैं। जब बच्चे उन्हें बात-बात पर परेशान करते है! तो वे पीछा छुड़ाने के लिए बच्चों को Phone पकड़ा देते हैंं। और इस तरह बच्चे धीरे-धीरे Phone के Addict हो जाते हैं।

अब इस समस्या का समाधान का क्या है? समाधान बहुत आसान है। अपने बच्चों को पर्याप्त समय दीजिए। इसके लिए आप ये दो काम कीजिए। पहला, ऑफिस का काम ऑफिस तक सीमित रखिए। उसे घर लेकर मत आइए। और दूसरा, घर आने के बाद अपना पूरा समय बीवी-बच्चों को दीजिए। क्योंकि इस पर उन्हीं का हक है। लेकिन इससे बच्चों की Mobile की लत कैसे छूटेगी? चलिए, इसका भी तरीका बता देते हैं। इसके लिए दरअसल आपको बच्चों के साथ कुछ इस तरह पेश आना होगा :-

Phone Addiction से बच्चों को कैसे बचाएँ?

बच्चों को फोन की लत से बचाने का सबसे अच्छा तरीका है, “निषेध नहीं, निर्देशन।” अर्थात् पूरी तरह नहीं मना करना है। बल्कि Phone का सही और सीमित उपयोग सिखाना है। माता-पिता और बच्चे मिलकर जब तकनीक को जिम्मेदारी के साथ अपनाएंगे। तभी यह हमारे जीवन का साधन बनेगा। खैर, आइए जानते हैं कि Phone Addiction से बच्चों को बचाएं कैसे?

1. खुद Role Model बनें

बच्चे वही करते हैं जो वे देखते हैं। अगर माता-पिता हर वक्त फोन में व्यस्त रहेंगे! तो बच्चे भी वैसा ही करेंगे। इसीलिए पहले आप खुद बच्चों के सामने Phone Use करना बंद कीजिए। और खुद को एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत कीजिए। ताकि बच्चे भी वैसा करने की आदत डालें।

2. नुकसानों से अवगत कराएं

बच्चों को फोन से होने वाले नुकसानों (Disadvantages of Smartphone) के बारे में बताइए। उन्हें फोन की स्क्रीन से निकलने वाली Blue Light के बारे में बताइए। और समझाइए कि यह आँखों के लिए कितनी घातक है। इसकी वजह से “Myopia” और “Blindness” जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। साथ ही नोमोफोबिया (Nomophobia) जैसी स्वास्थ्य संबंधी गंभीर स्थितियों के बारे में खुलकर बताइए।

3. Screen Time लिमिट करें

हर दिन मोबाइल उपयोग के लिए निश्चित समय तय करें। जैसे पढ़ाई के बाद 30 मिनट। या सप्ताह के अंत में थोड़ा अधिक समय। अधिकांश स्मार्टफोनों में Parental Control या Digital Wellbeing जैसी सेटिंग्स होती हैं। जिनसे Screen Time Limit किया जा सकता है।

4. Phone से ध्यान भटकाएं

धीरे-धीरे बच्चों का फोन से ध्यान भटकाने की कोशिश कीजिए। ध्यान रहे, बच्चों से अचानक फोन न छीनें। बल्कि धैर्य से काम लें। शुरुआत में किसी ऐसी वस्तु, खेल या गतिविधि का सहारा लें! जिसमें बच्चे की सबसे ज्यादा रूचि हो।

5. Offline Activities में शामिल करें

बच्चों को उनकी पसंद के खिलौने लाकर दें। अगर बच्चे को पढ़ने का शौक है! तो उसे प्रेरणादायक कहानियों, कविताओं, चित्रकथाओं और कॉमिक्स की Books लाकर दें। जब बच्चों के पास मनोरंजन और सीखने के अन्य साधन होंगे! तो वे Phone पर निर्भर नहीं रहेंगे।

इसके अलावा, सुबह या शाम (जब भी आपको वक्त मिले) बच्चों को पास के किसी पार्क में घुमाने जरूर ले जाऐं। इससे घंटे-दो घंटे बच्चे फोन से दूर भी रहेंगे। और उनका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।

6. सार्थक संवाद (Communicate) करें

काम से घर लौटने के बाद बच्चों से स्कूल के बारे में अवश्य पूछें। क्योंकि बच्चों के पास ढ़ेर सारी बातें होती है बताने के लिए। बस कोई उन्हें पूछने वाला चाहिए। आप एक बार पूछकर देखिए, आपको दिनभर स्कूल में क्या-क्या हुआ? इसकी पूरी रिपोर्ट मिल जाएगी।

इसके अलावा स्कूल में बच्चों को किस-किस विषय में क्या-क्या Homework (गृहकार्य) मिला? इसके बारे में जरूर चर्चा करें। साथ ही होमवर्क पूरा करने में बच्चों की मदद करें।

7. नैतिकता व संस्कार सिखाएं

रात को सोने से पहले बच्चों को नियमित रूप से शिक्षाप्रद कहानियां सुनाऐं। दरअसल बच्चों को कहानियां बहुत अच्छी लगती हैं। कहानियों के माध्यम से आप उन्हें कुछ भी सीखा सकते हैं। जैसे कि अच्छे-बुरे की पहचान करना, बड़ों का आदर करना, पेड़-पौधों से प्रेम करना, जीवों पर दया करना आदि।

8. बच्चों को व्यस्त (Busy) रखें

बच्चों को हमेशा किसी न किसी काम में व्यस्त रखें। उन्हें खाली न बैठने दें। क्योंकि बच्चों में असीमित ऊर्जा होती है। और वे कभी भी थकते नहीं है। इसलिए उनको हमेशा किसी न किसी Quiz, Riddles, Comic Book या खेल गतिविधि में उलझाये रखें। और उनकी असीम ऊर्जा का सदुपयोग करें।

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आप सिर्फ एक हफ्ते तक उपरोक्त बिन्दुओं पर अमल करके देखिए। हफ्ते के अंत तक आपको सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा। अगर आपने पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ इन बिन्दुओं को फॉलो करेंगे! तो आप अपने बच्चों को Phone Addiction से दूर रखने में जरूर सफल होंंगे। Yes, You will definitely be successful in keeping your children away from the phone addiction. क्योंंकि कच्ची मिट्टी के लौथड़े के समान हैं। जिन्हें किसी भी आकार में ढ़ाला जा सकता है।

Phone किस उम्र में दें?

जब भी बच्चों को Phone देने की बात आती है! तो हर माता-पिता के मन में यह सवाल जरूर उठता है कि किस उम्र में बच्चों को फोन देना चाहिए? और बच्चों को Phone देने की सही उम्र क्या है? तो मैं आपको बताना चाहूँगा कि बाल मनोवैज्ञानिक इस बात पर एकमत नहीं हैं। कुछ 18 साल की उम्र के बाद फोन देने की बात करते हैं! तो कुछ 15 साल की उम्र में।

लेकिन ज्यादातर बाल मनोवैज्ञानिक इस बात से सहमत है कि जब बच्चा कम से कम अपनी स्कूली शिक्षा (12वीं) पूरी कर ले। उसके बाद ही उसे फोन देने के बारे में सोचना चाहिए। इस हिसाब से देखें तो लगभग 17-18 साल की उम्र के बाद ही बच्चे को Phone देना चाहिए।

लेकिन बच्चों को Phone देना, न देना कई बार परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है। अगर बच्चा बाहर रहकर पढ़ाई कर रहा है। और माता-पिता से बात करने के लिए उसे Phone की जरुरत है! तो उसे निम्न परिस्थितियों में Phone दिया जा सकता है :-

बच्चों को फोन कब दें?

  • अगर उसके आस-पास कोई Phone नहीं है।
  • अगर आपको यकीन है कि वह Phone का Overuse या Misuse नहीं करेगा।
  • और सबसे जरूरी बात, Phone की वजह से उसकी Study Disturb नहीं होगी।

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अगर उपरोक्त परिस्थितियों की वजह से आप बच्चे को Phone देने जा रहे हैं! तो ध्यान रहे, Phone सादा होना चाहिए। उसमें Internet की सुविधा नहीं होनी चाहिए। क्योंकि आप उसे सिर्फ बात करने के लिए फोन दे रहे हैं। न कि Internet Surfing के लिए। इसलिए इंटरनेट युक्त Smartphone की जगह एक Feature Phone को प्राथमिकता दें। साथ ही किसी जिम्मेदार व्यक्ति को बच्चे की निगरानी सौंपना न भूलें। ताकि वह Phone Addiction का शिकार न बने। और उसकी पढ़ाई भी Distrub न हो।

Phone Addiction : सारांश

कुल मिलाकर Phone Addiction न केवल हमारे स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालता है। बल्कि हमारे रिश्तों और सामाजिक जीवन को भी कमजोर करता है। साथ ही हमारी उत्पादकता और कार्यक्षमता को भी प्रभावित करता है। इसलिए जरूरी है कि हम तकनीक का उपयोग समझदारी और संतुलन के साथ करें।

एक स्वस्थ डिजिटल जीवन के लिए हमें Digital Detox जैसी आदतें अपनानी चाहिए। याद रखें, फोन हमारे जीवन को आसान बनाने के लिए बना है। न कि उस पर हावी होने के लिए। संतुलित उपयोग ही डिजिटल युग में सच्ची आज़ादी की पहचान है।

उम्मीद करता हूँ यह आर्टिकल आपके बच्चों को फोन से दूर रखने में आपकी मदद करेगा। You will get a lot of help in getting rid of children’s phone addiction. अगर अभी भी आपके मन में बच्चों के Mobile Addiction से जुड़ा कोई सवाल है! तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। अगर यह आर्टिकल आपको पसंद आया। तो इसे Like और Share कीजिए। और ऐसे ही ज्ञानवर्धक आर्टिकल्स के लिए ‘टेकसेवी डॉट कॉम’ को Subscribe कर लीजिए। ताकि नया आर्टिकल प्रकाशित होते ही आपको नोटिफिकेशन मिल जाए।

Phone Addiction : प्रश्नोत्तरी

1. Phone Addiction क्या है?

उत्तर: जब कोई व्यक्ति मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग करने लगे। और बिना फोन के बेचैनी या असहजता महसूस करे। उसे Phone Addiction (मोबाइल की लत) कहा जाता है। यह एक प्रकार की Behavioral Addiction (व्यवहारिक लत) है।

2. Phone Addiction के मुख्य लक्षण क्या हैं?

उत्तर: ये हैं Phone Addiction के मुख्य लक्षण :-

  1. हर कुछ मिनट में Phone Check करना।
  2. बिना Notification के भी Screen देखना।
  3. नींद में कमी आना।
  4. पढ़ाई या काम में ध्यान न लगना।
  5. परिवार या दोस्तों से दूरी बढ़ना।

3. लोग मोबाइल के आदी क्यों हो जाते हैं?

उत्तर: निम्न चीजें लोगों को मानसिक रूप से फोन पर निर्भर बना देते हैं। और धीरे-धीरे यह एक आदत से लत में बदल जाता है। जैसे कि :-

  • सोशल मीडिया नोटिफिकेशन
  • गेमिंग (Online Gaming)
  • ऑनलाइन कॉन्टेंट, और
  • लगातार मिलने वाले “डोपामाइन हिट्स

4. बच्चों और किशोरों में फोन की लत तेजी से क्यों बढ़ रही है?

उत्तर: ऑनलाइन गेम, सोशल मीडिया और शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म (जैसे Instagram Reels, YouTube Shorts) लगातार मनोरंजन देते हैं। जिससे बच्चों में आत्म-नियंत्रण कम होता है। और उनका स्क्रीन टाइम बढ़ता जाता है।

5. Smartphone Addiction से कैसे बचा जा सकता है?

उत्तर: Smartphone Addiction से बचने के लिए ये 5 काम करें :-

  1. Screen Time Limit Set करें।
  2. सोने से 1 घंटा पहले फोन दूर रख दें, बिल्कुल न देखें।
  3. Notifications Off रखें।
  4. Physical Activity या Hobby अपनाएं।
  5. Friends & Family के साथ ऑफलाइन समय बिताएं।

6. क्या Phone Addiction का इलाज संभव है?

उत्तर: हाँ, बिल्कुल। Digital DetoxSelf-Control Apps, काउंसलिंग और परिवार के सहयोग से फोन की लत को नियंत्रित किया जा सकता है। जरुरत पड़ने पर Behavioral Therapy भी मददगार होती है।

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