Adaptive Battery फीचर क्या है और यह कैसे काम करता है? इसे एक्टिव कैसे करें?

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क्या आप एक Android यूजर हैं? क्या आपका फोन Android 9 Pie पर रन कर रहा है? अगर हाँ, तो आपने Adaptive Battery फीचर का नाम जरूर सुना होगा! क्योंकि यह Android 9 Pie के सबसे खास फीचर्स में से एक है। आपने अपने फोन की Settings मे इस Feature को देखा तो जरूर होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह Adaptive Battery Feature है क्या? और यह काम कैसे करता है? नहीं जानते? कोई बात नहीं! क्योंकि इस आर्टिकल में मैं आपको इसी फीचर के बारे में बताने वाला हूँ, तो कृपया इसे पूरा पढ़िएगा।

What is Adaptive Battery Feature?

एडेप्टिव बैटरी फीचर Android Pie का बहुत ही खास फीचर है। यह Basically एक Artificial Intelligence यानि कि AI बेस्ड बैटरी फीचर है, जो बैटरी के जीवनकाल को बढ़ाता है। पहले यह अपनी कृत्रिम बुद्धि से आपके फोन यूज करने के पैटर्न को समझता है और फिर उसी हिसाब से बैटरी को ऑप्टिमाइज करता है। यानि कि पहले यह सीखता है कि आप अपने Phone को किस तरह यूज करते हैं। और किस ऐप को कब-कब और कितनी देर तक यूज करते हैं। और फिर इसी पैटर्न के आधार पर यह बैटरी को कंट्रोल करता है। कुल मिलाकर यह फीचर बैटरी को ज्यादा से ज्यादा समय तक चलाने की कोशिश करता है।

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यह फीचर काम कैसे करता है?

दरअसल एडेप्टिव बैटरी फीचर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से काम करता है। आप अपने Phone को एक दिन में औसतन कितनी देर यूज करते हैं? कौन-कौनसी ऐप्स को कब-कब और कितनी देर यूज करते हैं? कौन-कौनसी ऐप्स को Regularly यूज करते हैं और कौन-कौनसी ऐप्स को कभी-कभार यूज करते हैं? कौन-कौनसी ऐप्स को दिन में एक बार यूज करते हैं और कौन-कौनसी ऐप्स को दिन में एक से ज्यादा बार यूज करते हैं? इन सारी चीजों को पहले यह अच्छे-से सीखता है, समझता है और फिर इस सीखे गये पैटर्न के हिसाब से बैटरी को कंट्रोल करता है। नहीं समझे?

चलिए इसे एक उदाहरण के माध्यम से समझते हैं। मान लीजिए आप रोज सुबह और शाम एक-एक घंटा Youtube पर वीडियोज देखते हैं। सुबह आप 6.00 बजे से 7.00 बजे तक और शाम को 8.00 बजे से 9.00 बजे तक रोज Youtube App इस्तेमाल करते हैं। और जब आप कुछ दिन तक इस पैटर्न दोहराऐंगे तो Adaptive Battery Feature आपके इस Usage Pattern को अपने डेटाबेस में सेव कर लेगा।

अब रोज सुबह 6.00 बजते ही यह Youtube App को अपने आप Active कर देगा। क्योंकि यह आपके वीडियो देखने का समय है। और एक घंटे बाद यानि कि 7.00 बजे जैसे ही आप यूट्यूब ऐप से बाहर निकलेंगे, Adaptibe Battery फीचर यूट्यूब ऐप को बंद कर देगा और यह Sleep Mode में चली जाएगी। यानि अब यह ऐप दिनभर के लिए गहरी नींंद में सो जाएगी और बैकग्राउंड में रन नहीं करेगी, जिससे फोन की बैटरी बचेगी।

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लेकिन शाम को 8.00 बजते ही फिर से यूट्यूब ऐप बैकग्राउंड में एक्टिव हो जाएगी। और एक घंटे बाद यानि 9.00 बजे जैसे आप वीडियो देखना बंद करेंगे, यह फिर से Sleep Mode में चली जाएगी। यानि कि सुबह 6.00 बजे तक के लिए गहरी नींद में सो जाएगी। इससे रातभर बैटरी बचेगी।

ठीक इसी तरह मान लीजिए कि आप हर Sunday दोपहर 1.00 बजे Gmail App यूज करते हैं। तो एडेप्टिव बैटरी फीचर हर Sunday दोपहर 1.00 बजते ही Gmail ऐप को बैकग्राउंड में एक्टिव कर देगा। लेकिन बाकी के 6 दिन (सोमवार से शनिवार) इस ऐप को Sleep Mode में रखेगा, जिससे आपके फोन की बैटरी बचेगी। सीधी सी बात है, जिस ऐप को आप यूज नहीं कर रहे, वह बैकग्राउंड में चलती रहेगी तो बैटरी तो खर्च होगी ही! लेकिन Adaptive Battery फीचर ऐसी ऐप्स को बैकग्राउंड में रन नहीं करने देता, जिससे बैटरी की काफी बचत होती है।

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कृपया ध्यान दें, एडेप्टिव बैटरी फीचर Machine Learning (मशीन लर्निंग) के माध्यम से काम करता है। और आपके Usage Pattern को पूरी तरह समझने में इसे हफ्तों और महीनों का समय लग जाता है। समय के साथ-साथ यह फीचर और भी समझदार होता जाता है। और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से दिन-ब-दिन पहले से बेहतर होता जाता है। यानि कि इसको सीखने के लिए जितना ज्यादा वक्त मिलेगा, यह उतना ही Effective तरीके से काम करेगा। इससे आपके फोन का बैटरी बैकअप दिन-ब-दिन बेहतर होता जाएगा और Battery Life में बढ़ जाएगी। इसलिए इस फीचर को हमेशा ON रखें।

Adaptive Battery फीचर को ON कैसे करें?

एडेप्टिव बैटरी फीचर को ऑन करना बहुत ही आसान है। लेकिन हाँ, अलग-अलग फोन में इसकी सैटिंग्स अलग-अलग हो सकती है। साथ ही इसका नाम भी अलग हो सकता है। जैसे कि कुछ फोन्स में यह फीचर AI Battery या AI Battery Saver के नाम से आता है। लेकिन जो भी हो, यह मिलेगा फोन की सैटिंग्स में ही। तो इसलिए फोन की सैटिंग्स में जाकर आप इसे ऑन कर कर सकते हैं। चलिए, मैं अलग-अलग फोन में इस फीचर को ऑन करने का तरीका बता देता हूँ।

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अगर आप Samsung का फोन इस्तेमाल कर रहे हैं तो अपने फोन की सैटिंग्स में जाइए > Device Care पर Tap कीजिए > Battery के ऑप्शन पर Tap कीजिए > अब उपर Right Corner में जो थ्री डॉट्स का ऑप्शन है, उस पर Tap कीजिए > Settings पर टैप कीजिए > यहाँ आपको Adaptive Battery का ऑप्शन मिल जाएगा, अगर यह पहले से ON है तो आपको कुछ भी करने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर यह OFF है तो इसे ON कर दीजिए… बस! आपका काम हो गया। बाकी का काम यह अपने आप करेगा।

अगर आप कोई Stock Android वाला फोन यूज कर रहे हैं, जैसे कि Nokia, Asus आदि तो एडेप्टिव बैटरी फीचर को ऑन करना और भी आसान है। बस अपने फोन की Settings में जाइए > Battery पर Tap कीजिए > उसके बाद Adaptive Battery पर Tap कीजिए > अगले पेज पर आपको Use Adaptive Battery का ऑप्शन मिलेगा, इसे ON कर दीजिए… बस! हो गया काम।

अन्य फोन्स में भी आपको Settings में जाना है और Battery पर Tap करना है। यहाँ आपको Adaptive Battery का ऑप्शन मिल जाएगा। वहीं कुछ फोन्स में यह ऑप्शन AI Battery Saver और AI Power Saving मोड के नाम से भी आता है। तो आप Battery Settings में जाकर देख सकते हैं कि आपके फोन में यह फीचर किस नाम से है। अगर आपको यह ऑप्शन नहीं मिले तो अपने फोन की Settings में जाइए, सबसे उपर ही उपर सर्च बॉक्स में “Adaptive Battery” टाईप कीजिए और सर्च कीजिए, आपको यह ऑप्शन मिल जाएगा।

उम्मीद करता हूँ Adaptive Battery फीचर आपको अच्छे से समझ में आ गया होगा! अगर अभी भी आपके मन में इस टॉपिक से जुड़ा कोई सवाल है तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। अगर यह आर्टिकल आपको पसंद आया तो इसे Like और Share कीजिए। और ऐसे ही और ज्ञानवर्धक आर्टिकल्स के लिए ‘टेकसेवी डॉट कॉम’ को Subscribe कर लीजिए। ताकि जब भी कोई नया आर्टिकल प्रकाशित हो, आपको उसका Notification मिल जाए।

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मैं मेघराज मुंशी, एक वेब डिजायनर, ग्राफिक आर्टिस्ट और ब्लॉगर हूँ। वैसे पेशे से मैं एक शिक्षक हूँ और शिक्षा विभाग राजस्थान में कार्यरत हूँ। पढ़ने-पढ़ाने और लिखने के अलावा मुझे फिल्में देखना बहुत पसंद है। साहित्य, संगीत, सिनेमा, अंतरिक्ष, विज्ञान और तकनीकी मेरे पसंदीदा विषय हैं।

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