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Fake Shopping Website Fraud क्या है? इससे कैसे बचें?

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पिछले दिनों दिल्ली पुलिस की साईबर सेल ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया। और उनके कब्जे से Fake Shopping Website की एक लिस्ट बरामद की। इससे पहले मुम्बई पुलिस ने एक रैकेट पकड़ा था, जो Fake Shopping Websites के जरिए ऑनलाइन ठगी कर रहा था। ये सिर्फ 2 उदाहरण हैं। लेकिन अब तक ऐसे हजारों मामले सामने आ चुके हैं। और रोज नये मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं! तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Fake Shopping Website Fraud क्या है? और इससे कैसे बचें?

Fake Shopping Website Fraud

कोरोना महामारी के दौरान Fake Shopping Website Fraud के मामले इतनी तेजी से बढे कि सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए। इस दौरान Fake Shopping Websites की बाढ़ आ गई। और हर जगह इनके विज्ञापन ही विज्ञापन नजर आने लगे। जब ठगी के मामले हद से ज्यादा बढ़ गए तो पुलिस की Cyber Cell हरकत में आई। और Fraudsters की धर-पकड़ शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया। और कई Fake Websites को बंंद करवाया। लेकिन ठगी का धंधा अब भी जारी है।

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अगर आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले 5 सालों में Online Shopping Fraud से जुड़े मामलों में 782% की वृद्धि हुई है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि देश में Online Shopping Fraud के मामले किस रफ्तार से बढ़ रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि ऑनलाइन शॉपिंग ही क्यों? तो इसके पीछे एक वजह है। दरअसल ऑनलाइन शॉपिंग एक बड़ा मार्केट है, जहाँ हर सैकंड लाखों-करोड़ों रूपये का लेन-देन होता है। इसीलिए यह Fraudsters का फेवरेट Target है।

Fake Shopping Website Fraud क्या है?

फेक शॉपिंग वेबसाइट फ्रॉड, Online Fraud का एक नया तरीका है। जिसमें फर्जी वेबसाइट्स के जरिए ऑनलाइन ठगी की जाती है। अर्थात लोगों को लूटा जाता है। इसके लिए Fraudster द्वारा Fake Websites का जाल बिछाया जाता है। यानि कि बहुत सारी Fake Websites बनाई जाती हैं। और उनके जरिए Shoppers को Target किया जाता है। और जब कोई शॉपर जाल में फंसता है, तो उसे लूट लिया जाता है।

आमतौर पर इन फेक वेबसाइट्स पर Popular Brands की सस्ती Copies उपलब्ध करवाई जाती हैं। यानि कि बड़ी-बड़ी कंपनियों के Best Selling Products के Clones उपलब्ध करवाए जाते हैं। जैसे कि Samsung Galaxy S21, Oneplus 9, Mi10i आदि। लेकिन असल में ये सिर्फ ऑरिजनल प्रोडक्ट्स की Edited Photos होती हैं। यानि कि वास्तव में ऐसा कोई प्रोडक्ट नहीं होता।

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फेक शॉपिंग वेबसाइट्स को कई नामों से जाना जाता है। जैसे कि Fake Shopping Sites, Fake Shopping Portals, Fake Online Stores, Scam Shopping Websites, Scam Shopping Sites आदि। इसके अलावा स्मार्टफोन यूजर्स के लिए Fake Shopping Apps भी बनाई जाती हैं। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को शिकार बनाया जा सके। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि इस वक्त Internet पर हजारों फेक वेबसाइट्स मौजूद हैं।

Fake Shopping Websites के प्रकार

फेक शॉपिंग वेबसाइट्स 2 तरह की होती हैं। एक, Fishing Website और दूसरी Independent Website. क्या फर्क है दोनों में? आइए, जानते हैं।

1. Fishing Website

फीशिंग वेबसाइट किसी पॉपुलर वेबसाइट की कॉपी होती है। यानि कि Amazon, Flipkart और Ebay जैसी वेबसाइट्स की हू-ब-हू नकल होती है। इसीलिए लोग इन पर आसानी से भरोसा कर लेते हैं। और Payment कर देते हैं। लेकिन जैसे ही वे Payment Details Enter करके पेमेंट बटन पर क्लिक करते हैं, उनकी डिटेल्स चोरी कर ली जाती है। और उसके बाद क्या होता है, मुझे बताने की जरूरत नहीं है।

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असल में Fishing Websites को काफी चालाकी से डिजायन किया जाता है। यानि कि इनका Design और Layout बिल्कुल ऑरिजनल वेबसाइट जैसा होता है। यहाँ तक कि Fonts और Colours तक Same होते हैं। इसीलिए लोग धोखा खा जाते हैं। और अपनी Payment Details दे देते हैं। लेकिन असल में यह पेमेेंट डिटल्स चुराने का एक तरीका होता है।

2. Independent Website

इंडीपेंडेंट वेबसाइट्स किसी पॉपुलर वेबसाइट की कॉपी नहीं होती, बल्कि रियल वेबसाइट्स होती हैं। लेकिन इन पर जो सामान बेचा जाता है, वह Fake होता है। यानि कि जो Products List किए जाते हैं, वे सिर्फ Edited Photos होती हैं। असल में उनका कोई अस्तित्व नहीं होता। इसीलिए जब कोई Customers कोई प्रोडक्ट ऑर्डर करता है, तो उसे वह कभी नहीं मिलता। क्योंकि प्रोडक्ट होगा तो मिलेगा ना?

खैर, इस तरह की वेबसाइट्स सिर्फ Fraud के उद्देश्य से बनाई जाती हैं। यानि कि इनका मकसद सिर्फ आपकी Payment Details चुराना होता है। इसलिए जब भी Online Shopping करें, सावधान रहें। आजकल ऐसी Websites की बाढ़ आई हुई है। रोज नये मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि अब तक पुलिस कई Fake Shopping Portals और Apps को बंद करवा चुकी है। मगर यह सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा।

Fake Shopping Website Fraud कैसे होता है?

इसके लिए एक Fraudsters कई सारी Fake Shopping Websites बनाता हैं। और उन्हें गूगल पर Rank करवाता है। इसके लिए वह Aggressive SEO Techniques और Advertising का इस्तेमाल करता हैं। जब Websites गूगल पर Rank करने लग जाती हैं, तो Traffic बढ जाता है। और हजारों-लाखों लोग वेबसाइट्स पर विजिट करने लग जाते हैं। इनमें से जो लोग Shopping करते हैं, उन्हें ठग लिया जाता है।

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इन वेबसाइट्स पर प्रोडक्ट्स की Listing और Pricing पर खास ध्यान दिया जाता है। यानि कि ऐसे प्रोडक्ट्स को List किया जाता है, जो काफी पॉपुलर और महंगे होते हैं। मगर इनकी Price इतनी कम रखी जाती है कि एक कम आय वाला व्यक्ति भी आसानी से खरीद सके। जैसे कि एक निम्नवर्गीय व्यक्ति iPhone 13 खरीदने की सपने में भी नहीं सोचता। क्योंकि उसके पास इतना बजट नहीं हैं। मगर इन Fake Websites पर वह इसी फोन को सिर्फ 4-5 हजार रूपये में खरीद सकता है। ऐसे में जी ललचाना लाजिमी है।

मगर, यही लालच आपको Fraud का शिकार बना देता है। जब आप अपने सपनों का प्रोडक्ट खरीदते हैं। और Online Payment करते हैं, तो आपकी Payment Details Capture कर ली जाती है। यानि कि जिस Payment Gateway के जरिए आप पेमेंट करते हैं, वह असल में एक Custom Form होता है, जो हर Field की जानकारी को Save कर लेता है। और इस तरह आपके Credit/Debit Card की जानकारी Fraudster के पास पहुंच जाती है। और वह आपका अकाउंट खाली कर देता है।

Fake Shopping Websites को कैसे पहचानें?

अब सवाल यह है कि Fake Shopping Websites को पहचानें कैसे? How to identify fake shopping websites? तो यह कोई मुश्किल काम नहीं है। अगर आप शॉपिंग करते वक्त निम्न बातों का ध्यान रखें, तो Fake Shopping Portals और Apps को आसानी से पहचान सकते हैं :-

1. URL (Web Address)

जब भी किसी वेबसाइट से Shopping करें, उसका URL जरूर चैक करें। अगर यूआरएल के प्रारम्भ में https और Lock का निशान नहीं है, तो इसका मतलब है कि आपका Connection Secure नहीं है। ऐसी वेबसाइट से न तो शॉपिंग करें। और न ही अपनी कोई Details शेयर करें। क्योंकि आपका Data चोरी हो सकता है।

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इसके अलावा URL की Spelling जरूर चैक करें। क्योंकि Fishing Websites का URL बिल्कुल ऑरिजनल वेबसाइट जैसा ही होता है। यानि कि Amazon की जगह Amezon या Flipkart की जगह Filpkart होता है। जो देखने में बिल्कुल ऑरिजनल यूआरएल जैसा ही दिखाई देता है। मगर Spelling में गड़बड़ होती है। इसीलिए जब भी किसी वेबसाइट से शॉपिंग करें, उसका URL और Spelling जरूर चैक करें।

2. Contact Us Page

जब भी किसी वेबसाइट से शॉपिंग करें, उसका Contact Us Page जरूर चैक करें। अगर कॉन्टेक्ट पेज गायब है या उस पर Genuine Information नहीं है, तो इसका मतलब वह Website Fake हो सकती है। आमतौर पर एक Shopping Website के कॉन्टेक्ट पेज पर उसका फिजिकल एड्रेस (लोकेशन), Email Address, Phone Number और Social Media Accounts के Links जरूर होते हैं। लेकिन Fake Shopping Portals पर यह जानकारी नहीं मिलती।

3. Business Rating

अगर आप किसी Website से पहली बार Shopping कर रहे हैं। और आपको उसकी विश्वसनीयता पर शक है, तो उसे Google पर सर्च करें। अगर Google My Business पर उसकी Profile बनी हुई है। और Physical Location (Map), Phone Number और दूसरी जरूरी Details मौजूद है तो इस बात के काफी ज्यादा चांसेज हैं कि वेबसाइट असली है। लेकिन अगर Google पर कोई जानकारी नहीं मिलती तो समझ लीजिए कि Website Fake है।

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इसके अलावा वेबसाइट की Rating और Customer Reviews पर ध्यान दें। अगर Rating अच्छी है और सारे के सारे रिव्यूज पॉजिटिव हैं तो इसका मतलब Reviews Fake हैं। आमतौर पर एक Fake Website के रिव्यूज Well Formatted और Positive होते हैं। यानि कि उनमें Negative Comments ना के बराबर होते हैं। लेकिन Genuine Website के Reviwes ऐसे नहीं होते। उनमें Negative और Positive दोनों तरह के कमेंट्स होते हैं।

4. Domain Age

Fake Shopping Websites की उम्र ज्यादा लम्बी नहीं होती। क्योंकि वे जल्द ही पकड़ी जाती हैं और Ban कर दी जाती है। इसीलिए इनकी Domain Age काफी कम होती है। अगर आप किसी ऐसी वेबसाइट से शॉपिंग कर रहे हैं जिसका Domain Name कुछ दिन या हफ्ते पहले ही खरीदा गया है। तो ऐसी वेबसाइट पर भरोसा न करें। वह फेक हो सकती है।

5. Site Search

साइट सर्च गूगल का एक Search Shortcut है, जो एक Particular Website की सामग्री को खोजने में मदद करता है। यानि कि इसकी मदद से आप यह पता कर सकते हैं कि किसी Particular वेबसाइट पर कितनी सामग्री मौजूद है। जैसे कि अगर आप site:amazon.com लिखकर सर्च करेंगे, तो आपको सिर्फ Amazon के Links दिखाई देंगे। और जैसे-जैसे आप आगे बढ़ेंगे। अर्थात् दूसरे, तीसरे, चौथे… सौंवे पेज तक जाऐंगे, आपको लगातार अमेजन के रिजल्ट्स मिलते रहेंगे। क्योंकि अमेजन वेबसाइट पर करोड़ों प्रोडक्ट्स/पेजेज/लिंक्स मौजूद हैं।

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लेकिन Fake Shopping Website पर आपको सिर्फ गिनती Products मिलेंगे। और वे भी Latest और Best Selling Products. पुराने प्रोडक्ट्स ढूँढने पर भी नहीं मिलेंगे। और जब आप उसे गूगल पर सर्च करेंगे, तो आपको सिर्फ गिनती के Results मिलेंगे। यानि कि तीसरे-चौथे पेज तक जाते-जाते रिजल्ट्स खत्म हो जाऐंगे। अगर ऐसी स्थिति आए, तो समझ लेना कि Website Fake है। साइट सर्च के लिए आपको site:example.com लिखकर सर्च करना है। और एक्जांपल डॉट कॉम की जगह उस वेबसाइट का डोमेन नेम लिखना है, जिसे आप सर्च करना चाहते हैं।

6. Pricing

फेक शॉपिंग वेबसाइट्स को पहचानने का सबसे आसान तरीका है Pricing. यानि कि प्रोडक्ट्स की कीमतें। अगर आप किसी ऐसी वेबसाइट से शॉपिंग कर रहे हैं, जिस पर प्रोडक्ट्स की कीमतें हद से ज्यादा कम हैं, तो समझ जाइए कि Website Fake है। अगर आपको किसी प्रोडक्ट की वास्तविक कीमत मालूम नहीं है। तो आप उसे Amazon या Flipkart पर सर्च कर सकते हैं। और सही कीमत जान सकते हैं।

7. Payment Options

जब भी किसी वेबसाइट से शॉपिंग करें, पेमेंट ऑप्शन्स पर जरूर ध्यान दें। अगर Credit और Debit Card Payments पर भारी डिस्काउंट दिया जा रहा है। और Cash On Delivery का ऑप्शन गायब है, तो समझ जाइए कि कुछ गड़बड़ है। क्योंकि Fake Shopping Portals का मकसद सिर्फ पेमेंट डिटेल्स चुराना होता है। इसीलिए इन पर कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन नहीं मिलता। सिर्फ Online Payment का ऑप्शन होता है।

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और कोशिश यह रहती है कि आप कार्ड से पेमेंट करें। इसके लिए आपको भारी-भरकम डिस्काउंट भी दिया जाता है। ताकि आप लालच में आकर अपनी कार्ड डिटेल्स दे दें। लेकिन यह सिर्फ पेमेंट डिटेल्स हथियाने का एक तरीका होता है। असल में आपको कोई डिस्काउंट नहीं मिलता। और न ही आपका खरीदा हुआ प्रोडक्ट मिलता है। इसलिए इस तरह की वेबसाइट्स पर कभी कोई Details न दें।

8. Refund Policy

जब भी किसी वेबसाइट से शॉपिंग करें, उसकी Refund Policy जरूर पढ़ें। अगर पॉलिसी में प्रोडक्ट रिटर्न करने या पैसे रिफंड करने का कोई जिक्र नहीं है! तो समझ लीजिए कि कुछ गड़बड़ है। आमतौर पर एक शॉपिंग पोर्टल, Product Return करने और पैसे वापिस करने का विकल्प जरूर देता है। अगर आप Amazon, Flipkart, Snapdeal, eBay और Mintra जैसी वेबसाइट्स पर जाऐंगे! तो आपको स्पष्ट और क्लीयर रिफंड पॉलिसी मिलेगी। लेकिन Fake Shopping Portals पर यह चीज नहीं मिलेगी।

Fake Shopping Website Fraud से कैसे बचें?

अब सवाल यह है कि Fake Shopping Website Fraud से बचें कैसे? तो इसके लिए आप जब Online Shopping करें, इन तीन बातों का जरूर ध्यान रखें।

1. लालच में न आऐं।

आपका लालच, Fraudsters का सबसे बड़ा हथियार होता है। इसीलिए लालच न करें। अगर आपको कोई चीज हद से ज्यादा सस्ती मिल रही है। या उस पर भारी डिस्काउंट या कैशबैक मिल रहा है, तो सावधान हो जाऐं। आपके साथ Fraud हो सकता है। याद रखिए, कोई भी कंपनी घाटा खाकर बिजनेस नहीं करती। वह कमाने के लिए बैठी है। इसीलिए लालच में न आऐं।

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आमतौर पर Fake Shopping Website की Pricing ऐसी होती है कि कोई भी ललचा सकता है। इन वेबसाइट्स पर 70-80 हजार का iPhone मात्र 4-5 हजार रूपये में मिल जाता है। लेकिन अगर Practically देखें तो यह Possible नहीं है। क्योंकि जिस कीमत में आईफोन का Display नहीं मिलता, उस कीमत में पूरा iPhone कैसे मिल सकता है?

2. रिसर्च जरूर करें।

जब भी किसी वेबसाइट से Online Shopping करें, रिसर्च जरूर करें। क्योंकि यह बहुत जरूरी है। अगर आप वेबसाइट और प्रोडक्ट के बारे में थोड़ी-सी भी पड़ताल करें, तो Fake Shopping Websites को आराम से पकड़ सकते हैं। और Online Shopping Fraud का शिकार होने से बच सकते हैं। 

3. पेमेंट डिटेल्स न दें।

यूँ ही कहीं भी अपनी Payment Details शेयर न करें। खासकर तब, जब वेबसाइट के URL में https और Lock का निशान न हो। और आपका Connection असुरक्षित हो। क्योंकि ऐसी स्थिति में आपका Data चोरी हो सकता है। इसीलिए Payment Details सिर्फ तभी दर्ज करेंं, जब आपका Connection Secure हो। और पेमेंट लेने वाली वेबसाइट पर आपको पूरा भरोसा हो।

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कुछ लोग अपनी Privacy को लेकर इतने लापरवाह होते हैं कि वे कहीं भी अपनी Personal Details शेयर कर देते हैं। यहाँ तक कि Facebook Post के Comments तक में अपनी सारी डिटेल्स दे देते हैं। ऐसे लोगों से पर्सनल डिटेल्स निकलवाना कितना मुश्किल होता होगा? शायद Hackers और Fraudsters को मेहनत भी नहीं करनी पड़ती होगी। वे आराम से डिटेल्स निकलवा लेते होंगे। ज्यादातर ऐसे ही लोग Online Fraud के शिकार होते हैं।

Fake Shopping Website Fraud की शिकायत

अब सवाल यह है कि Fake Shopping Websites Fraud के खिलाफ शिकायत कैसे करें? और कहाँ करें? How to make a complaint against fake shopping website fraud? तो यह बहुत आसान है। इसके लिए अपने नजदीकी Police Station जाइए। और नीचे बताए अनुसार अपनी Complaint दर्ज करवाइए।

  • सबसे पहले अपने साथ हुए Fraud का एक सिलसिलेवार ब्यौरा तैयार कीजिए। और Fraud करने वाले व्यक्ति अथवा वेबसाइट के खिलाफ जितने भी प्रमाण (सबूत) हैं, सब ले लीजिए।
  • उस वेबसाइट का Screenshot ले लीजिए, जिसने आपके साथ फ्रॉड किया है। साथ ही उसका URL भी लिख लीजिए।
  • उसके बाद अपने नजदीकी Police Station जाइए और Complaint दर्ज करवाइए। साथ ही अपने साथ हुए Fraud के प्रमाण सहित पूरी जानकारी दीजिए।
  • सबूतों की एक हार्ड कॉपी Investigating Officer को दीजिए। और उन्हें अपने फोन या कम्प्यूटर में Save करके रखिए।

इसके अलावा आप NCH (National Consumer Helpline) और Cyber Cell में भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिए National Consumer Helpline Number (NCH Number) 1800114000 या 14404 पर कॉल कीजिए। और अपने साथ हुए फ्रॉड के बारे में विस्तार से बताइए। साथ ही पूछे गए सवालों का जवाब दीजिए। और घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करवाइए। तो इस आप Fake Shopping Websites Fraud के खिलाफ Complaint कर सकते हैं। Fake

Fake Shopping Website Fraud : सारांश

ऑनलाइन शॉपिंग, एक बड़ा मार्केट है, जो तेजी से Grow हो रहा है। लेकिन जैसे-जैसे Online Shopping का चलन बढ़ता जा रहा है। वैसे-वैसे Online Fraud के मामले भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में एक Shopper के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान खुद को सुरक्षित कैसे रखें? और सुरक्षित तरीके से Payment कैसे करें?

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आपको बताना चाहूँगा कि इस वक्त Fake Shopping Website Fraud चरम पर है। और इंटरनेट पर Fake Shopping Apps और Websites का जाल बिछा हुआ है। इसीलिए सावधान रहें! जहाँ तक हो सके, Well-Known और Reputed Websites जैसे कि Amazon, Flipkart, Snapdeal, Myntra, Shopclues और eBay जैसी वेबसाइट्स से ही शॉपिंग करें। नई और अनजान वेबसाइट्स पर भरोसा न करें।

Fake Shopping Website Fraud : FAQs

प्रश्न-1. फेक शॉपिंग वेबसाइट फ्रॉड क्या है?

उत्तर: फेक शॉपिंग वेबसाइट फ्रॉड, ऑनलाइन फ्रॉड का एक नया तरीका है। जिसमें फर्जी शॉपिंग वेबसाइट्स के जरिए ऑनलाइन ठगी की जाती है।

प्रश्न-2. फेक शॉपिंग वेबसाइट्स को कैसे पहचानें?

उत्तर: फेक शॉपिंग वेबसाइट्स को पहचानने के लिए वेबसाइट के Important Pages, Pricing, Product Listing, Domain Age, Business Rating, Customer Reviews और Payment Options चैक करें। अगर वेबसाइट नई है; Products और कीमतें हद से ज्यादा कम हैं और COD का ऑप्शन गायब है! तो समझ लीजिए कि वेबसाइट फेक है।

प्रश्न-3. फेक शॉपिंग वेबसाइट फ्रॉड की शिकायत कैसे करें?

उत्तर: इसके लिए Fraud का ब्यौरा और तमाम सबूत लेकर अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन जाऐं। और Complaint दर्ज करवाऐं। इसके अलावा अगर आप चाहें तो National Consumer Helpline Number 1800114000 और 14404 पर कॉल करके भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

उम्मीद है इस आर्टिकल के जरिए आपको Fake Shopping Website Fraud Kya Hai? कैसे किया जाता है? और इससे कैसे बचें? इसके बारे में उपयोगी जानकारी मिली होगी। साथ ही यह भी जानने को मिला होगा कि Fake Shopping Apps और Websites की पहचान कैसे करें? और इनके खिलाफ Complaint कैसे करें? अगर यह आर्टिकल आपको पसंद आया तो इसे Like और Share जरूर करें। और ऐसे ही ज्ञानवर्धक आर्टिकल्स के लिए टेकसेवी डॉट कॉम को Subscribe कर लीजिए। ताकि जब भी हम नया आर्टिकल पब्लिश करें, आपको सूचना मिल जाए।

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