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Cryptocurrency क्या है? यह कैसे काम करती है? Explanation

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एक वक्त था, जब दुनिया में कोई मुद्रा (Currency) नहीं थी। सिर्फ वस्तुओं के बदले वस्तुओं का लेन-देन होता था। लेकिन उसके बाद नोट और सिक्के अस्तित्व में आए। और लेन-देन का तरीका पूरी तरह बदल गया। आज यही नोट और सिक्के हमारी मुख्य Currency हैं। लेकिन इसके अलावा भी एक करेंसी है, जो पूरी तरह Digital है। इसे Cryptocurrency कहा जाता है। लेकिन सवाल यह है कि यह क्रिप्टोकरेंसी आखिर है क्या? और यह कैसे काम करती है? साथ ही इसके क्या-क्या फायदे और नुकसान हैं? आइए, विस्तार से जानते हैं।

Cryptocurrency (क्रिप्टोकरेंसी)

आज हर देश के पास अपनी Currency (मुद्रा) है। जैसे कि भारत के पास रूपया है, अमेरिका के पास डॉलर है, सऊदी अरब के पास रियाल है। इसी तरह बाकी देशों के पास भी अपनी-अपनी करेंसी है। लेकिन सवाल यह है कि Currency होती क्या है? तो इसका जवाब है, एक ऐसी धन-प्रणाली, जो किसी देश द्वारा मान्यता प्राप्त हो और वहाँ के लोगों द्वारा धन के माध्यम के रूप में इस्तेमाल की जाती हो। साथ ही जिसकी कोई Value हो, Currency कहलाती है। अर्थात जिसके बदले कोई वस्तु या सेवा खरीदी जा सके, वह Currency है।

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जैसे कि 50 रूपये के नोट से आप फल खरीद सकते हैं। इसीलिए वह करेंसी है। लेकिन 500 रूपये के पुराने नोट से कुछ नहीं खरीद सकते। क्योंकि न तो उसे सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है और न ही उसकी कोई Value है। इसलिए वह करेंसी नहीं है। आमतौर पर Currency को कागज या धातु के टुकड़ों (सिक्कों) पर Print किया जाता है। इसीलिए यह Physical Currency कहलाती है। यानि कि इसे छूना और पर्स में लेकर घूमना संभव है। लेकिन Cryptocurrency के साथ ऐसा नहीं है। 

Cryptocurrency क्या है?

क्रिप्टोकरेंसी एक Digital Currency है, जिसे एक Decentralized System द्वारा मैनेज किया जाता है। इसमें प्रत्येक लेन-देन का Digital Signature द्वारा Verification किया जाता है। और Cryptography की मदद से उसका Record रखा जाता है। दूसरे शब्दों में, क्रिप्टोकरेंसी Blockchain Technology पर आधारित एक Virtual Currency है, जो Cryptography द्वारा सुरक्षित है। इसे कॉपी करना लगभग नामुमकिन है।

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वास्तव में, क्रिप्टोकरेंसी एक peer-to-peer कैश प्रणाली है, जो Computer Algorithm पर बनी है। यानि कि Physically इसका कोई अस्तित्व नहीं है। यह सिर्फ Digits के रूप में Online रहती है। और इसकी सबसे बड़ी खास बात यह है कि यह पूरी तरह Decentralized है। यानि कि इस पर किसी भी देश या सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। इसीलिए शुरुआत में इसे illegal (अवैध) करार दिया गया। लेकिन बाद में Bitcoin की लोकप्रियता को देखते हुए कई देशों ने इसे Legal कर दिया। लेकिन कई देश अभी भी इसके खिलाफ हैं।

Cryptocurrency Value

हालांकि Cryptocurrency को नोट और सिक्कों के रूप में Print नहीं किया जाता। लेकिन फिर भी इसकी अपनी Value है। यानि कि Cryptocurrency से आप सामान खरीद सकते हैं। Trade कर सकते हैं। और Invest भी कर सकते हैं। लेकिन अपनी तिजौरी में नहीं रख सकते। न ही Bank के लॉकर में रख सकते हैं। क्योंकि यह Digits के रूप में ऑनलाइन रहती है। इसीलिए इसे Digital Money, Virtual Money और Electronic Money भी कहा जाता है।

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अगर बात करें Cryptocurrency Value की तो इसकी वैल्यू Physical Currencies से कहीं ज्यादा है। और कुछ Top Cryptocurrencies की Value तो डॉलर से भी हजारों गुना ज्यादा है। लेकिन एक सच यह भी है कि यह Value स्थिर नहीं रहती। यानि कि Cryptocurrency Market में बहुत ही तेजी से उतार-चढ़ाव होता है। जिससे इसकी कीमतें दिन में कई बार बदलती हैं।

Cryptocurrency कैसे काम करती है?

क्रिप्टोकरेंसी असल में Blockchain के माध्यम से काम करती है। यानि कि इसमें लेन-देन का रिकॉर्ड रखा जाता है। साथ ही Powerful Computers द्वारा इसकी निगरानी की जाती है, जिसे Cryptocurrency Mining कहा जाता है। और जिनके द्वारा यह Mining की जाती है, उन्हें Miners (माइनर्स) कहा जाता है।

जब Cryptocurrency में कोई लेन-देन (Transaction) होता है। तो उसकी जानकारी Blockchain में दर्ज की जाती है। यानि कि उसे एक Block में रखा जाता है। और इस Block की Security और Encryption का काम Miners का होता है। इसके लिए वे एक Cryptographic पहेली को हल कर Block के लिए उचित hash (एक कोड) ढूँढते हैं।

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जब कोई माइनर सही hash ढूँढ़कर Block को सुरक्षित कर देता है। तो उसे Blockchain में जोड़ दिया जाता है। और Network में मौजूद अन्य Nodes (Computers) द्वारा उसे Verify किया जाता है। इस प्रोसेस को Consensus कहा जाता है।

अगर Consensus में Block के Secure होने की पुष्टि हो जाती है। और वह सही पाया जाता है। तो उसे सिक्योर करने वाले Miner को Crypto coins दिए जाते हैं। यह दरअसल एक Reward होता है, जिसे Proof of Work कहा जाता है।

Cryptocurrency Market

क्रिप्टोकरेंसी मार्केट, यानि कि वह जगह, जहाँ Cryptocurrencies की खरीद-फरोख्त और Trading होती है। इसे Cryptocurrency Exchange, Digital Currency Exchange (DCE), Coin Market और Crypto Market जैसे नामों से भी जाना जाता है। यहाँ आप कोई भी Cryptocurrency खरीद सकते है, बेच सकते हैं और Invest कर सकते हैं। जैसे कि Monero, Ethereum, Bitcoin, Redcoin, Litecoin, Voicecoin आदि।

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Cryptocurrency Exchange आमतौर पर Credit Card, Wire Transfer और अन्य Digital माध्यमों से Payment स्वीकार करते हैं। यहाँ आप Fiat Money (कागजी मुद्रा) को Cryptocurrency और Cryptocurrency को Fiat Money में बदल सकते हैं। अगर बात करें Top Cryptocurrency Exchanges की, तो इस लिस्ट में निम्न Websites प्रमुख हैं :-

  • Binance
  • Coinbase
  • Bitfinex
  • Kraken
  • Bithumb
  • Bitstamp
  • BitFlyer
  • CuCoin
  • Bittrex
  • Coinone
  • Coincheck
  • Crypto.com

ये सिर्फ कुछ गिनती के Cryptocurrency Markets हैं। जिनके बारे में करीब-करीब लोग जानते हैं। लेकिन इनके अलावा भी सैंकड़ों Cryptocurrency Markets हैं। अगर भारत की बात करें, तो भारत में CoinSwitch, CoinDCX, WazirX और Unocoin सबसे पॉपुलर Cryptocurrency Exchanges हैं।

Top Cryptocurrencies

क्रिप्टोकरेंसी का नाम सुनते ही दिमाग में एक ही नाम आता है – Bitcoin. लेकिन Bitcoin इस दुनिया की अकेली Cryptocurrency नहीं है। इसके अलावा भी हजारों Cryptocurrencies हैं। जिनके बारे में ज्यादातर लोगों को पता नहीं है। खैर, आइए! जानते हैं कुछ Popular Cryptocurrencies के बारे में…

Bitcoin (BTC)

Bitcoin दुनिया की पहली Cryptocurrency है, जो इतनी सफल हुई है। इसे 2009 में Satoshi Nakamoto ने बनाया था। हालांकि Digital Currencies को लेकर पहले भी कई कोशिशें हुई। लेकिन सफल नहीं हो पाई। यहाँ तक कि Bitcoin को भी शुरुआत में काफी संघर्ष करना पड़ा। लेकिन आज यह दुनिया की सबसे महंगी Digital Currency है। और Bitcoin Price इस वक्त आसमान छू रही है।

Ethereum (ETH)

यह एक Decentralized ओपन-सॉर्स Blockchain है। जो Coinmarket Cap के हिसाब से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी Cryptocurrency है। इसे 2015 में लॉन्च किया गया था। Ethereum दुनिया का सबसे ज्यादा Actively Used Blockchain Network है। इसे Ether के नाम से भी जाना है।

Ripple (XRP)

Ripple एक Real-time Gross Settlement System और Blockchain Network है। इसे 2012 में अमरीकी कंपनी Ripple Labs Inc. द्वारा बनाया था। क्रिप्टोकरेंसी के साथ-साथ यह एक Cryptocurrency Exchange भी है।

Tether (USDT)

Tether की शुरूआत जुलाई 2014 में Realcoin के नाम से हुई थी। लेकिन 20 नवम्बर 2014 को इसका नाम बदलकर Tether कर दिया गया। तब से यह Tether के नाम से ही जाना जाता है। इसे Stablecoin भी कहा जाता है। क्योंकि इसे हमेशा 1.00 डॉलर मूल्य के लिए डिजायन किया गया था।

Litecoin (LTC)

Litecoin एक peer-to-peer cryptocurrency है। जो एक ओपन-सॉर्स Cryptographical Platform पर आधारित है। इसकी शुरुआत अक्टूबर 2011 में हुई थी। Litecoin अपने Proof of Work Algorithm में SHA-256 (Secure Hash Algorithm) की बजाय Scrypt का प्रयोग करता है। साथ ही Bitcoin की तुलना में चार गुना तेजी से लेन-देन करता है।

Monero (XMR)

मोनेरो एक Decentralized Open-source Cryptocurrency है। जो मूल रूप से Privacy और Decentralization पर फोकस करती है। यह अपने Security Features के लिए काफी प्रसिद्ध है। लेकिन इसका ज्यादातर इस्तेमाल Dark Web पर Illegal चीजें खरीदने में किया जाता है। यानि कि यह Dark Web की सबसे पॉपुलर क्रिप्टोकरेंसी हैं। इसे 2014 में लॉन्च किया गया था।

Cosmos (ATOM)

कॉस्मॉस Blockchain Networks का एक Network है। यानि कि Network of Blockchain Networks. इसे Internet of Blockchains भी कहा जाता है। क्योंकि यह Blockchain Networks को आपस में जोड़ने और उनके बीच संवाद स्थापित करने का कार्य करता है। असल में Cosmos का उद्देश्य Blockchains के बीच Communication, Data Sharing और Transaction में मदद करना है। और इसके लिए Cosmos के पास Products और Tools की एक लम्बी श्रृंखला मौजूद है।

Peercoin (PPC) 

Peercoin को PP Coin, P2P Coin, PPC और Peer to Peer Coin के नाम से भी जाना जाता है। यह एक peer-to-peer cryptocurrency है। जो Bitcoin Framework पर आधारित है। लेकिन इसकी Engery Efficiency बिटकॉइन से 100 गुना ज्यादा है। इसके अलावा Peercoin पहली ऐसी क्रिप्टोकरेंसी है। जो Proof of Work और Proof of Stack का Combination Use करती है। Peercoin को 2012 में लॉन्च किया गया था।

BitTorrent (BTT)

BitTorrent Cryptocurrency को Tron Foundation द्वारा बनाया गया था। यह एक peer-to-peer file sharing protocol है। जो Blockchain Technology पर आधारित है। इसका मूल उद्देश्य Untrusting Process Participants के बीच File Transfer को आसान बनाना है। इसकी मदद से यूजर्स BitTorrent Token (BTT) कमा सकते हैं। और उन्हें Fiat Money में बदल सकते हैं।

NameCoin (NMC)

Namecoin मूल रूप से Bitcoin पर आधारित है। और यह proof-of-work algorithm का उपयोग करता है। Namecoin अपने Blockchain Transaction Database में Data स्टोर कर सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसका Censorship-Resistant Domain Name, जो कि .bit है। हालांकि यह .com और .net की तरह ही एक Top-Level Domain है। लेकिन इस पर ICANN (Internet Corporation For Assigned Names And Numbers) का कोई नियंत्रण नहीं है।

Cryptocurrency के फायदे

जब Cryptocurrency के इस्तेमाल की बात आती है तो मन में यह सवाल जरूर उठता है कि क्यों? आखिर क्यों इस्तेमाल करें क्रिप्टोकरेंसी? Why use cryptocurrency? आखिर इसके क्या-क्या फायदे हैं? तो मैं आपको बताना चाहूँगा कि क्रिप्टोकरेंसी के कई सारे फायदे हैं। जैसे कि :-

  • क्रिप्टोकरेंसी एक Digital Currency है। इसमें Fraud की गुंजाइश बहुत कम है।
  • क्रिप्टोकरेंसी को खरीदना, बेचना और Invest करना बहुत आसान है। क्योंकि इसके लिए कई सारे Digital Wallets उपलब्ध हैं।
  • क्रिप्टोकरेंसी के लिए किसी Bank की जरूरत नहीं है।
  • क्रिप्टोकरेंसी, Investment के लिए बहुत ही अच्छा विकल्प है। क्योंकि इसकी कीमतो में तेजी से उछाल आता है।
  • क्रिप्टोकरेंसी को किसी भी राज्य अथवा सरकार द्वारा नियंत्रित नहीं किया जाता।
  • Cryprocurrency एक Secure Currency है।

Cryptocurrency के नुकसान

हर चीज के दो पहलू होते हैं। कुछ फायदे होते हैं तो कुछ नुकसान भी होते हैं। ठीक यही बात क्रिप्टोकरेंसी पर भी लागू होती है। यानि कि Cryptocurrency के भी कुछ नुकसान हैं। आइए, जानते हैं क्रिप्टोकरेंसी के नुकसानों के बारे में :-

  • Cryptocurrency का सबसे बड़ा नुकसान तो यही है कि इस पर किसी Authority का नियंत्रण नहीं है। यानि कि इसकी कीमतों को कोई Control नहीं कर सकता। इसीलिए इसकी कीमतें अप्रत्याशित रूप से घटती-बढ़ती हैंं।
  • दूसरा नुकसान यह है कि यह एक Digital Currency है। इसीलिए इसे Hack किया जा सकता है। और Ethereum के साथ ऐसा हो भी चुका है।
  • तीसरा सबसे बड़ा नुकसान है – Illegal Activities में इस्तेमाल। यानि कि क्रिप्टोकरेंसी को Illegal Weapons, Drugs और चोरी के Credit/Debit Cards को खरीदने में किया जा सकता है।
  • इसके अलावा क्रिप्टोकरेंसी का कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है। यानि कि इसके नोट और सिक्के नहीं होते।

क्या Cryptocurrency Legal है?

हालांकि कई देशों ने Cryptocurrency को Legal कर दिया है। लेकिन कई देशों में अभी भी इस पर पूरी तरह प्रतिबंध है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भारत में Cryptocurrency Legal है? जवाब है – हाँ। दरअसल भारत में अब क्रिप्टोकरेंसी पूरी तरह लीगल है। और आप कोई भी Cryptocurrency खरीद और बेच सकते हैं।

उम्मीद है इस आर्टिकल के जरिए आपको Cryptocurrency Kya Hai? यह कैसे काम करती है? Top Cryptocurrencies कौन-कौनसी हैं? और क्रिप्टोकरेंसी के Legalisation से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली होगी। अगर यह आर्टिकल आपको पसंद आया तो इसे Like और Share कीजिए। और ऐसे ही और आर्टिकल्स के लिए टेकसेवी डॉट कॉम को Subscribe कर लीजिए। ताकि जब भी हम कोई नया आर्टिकल पब्लिश करें, आपको उसकी सूचना मिल जाए।

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