इंटरनेट पर जानकारी खोजने का तरीका लगातार बदल रहा है। पहले जहाँ उपयोगकर्ता केवल कुछ Keywords टाइप करता था। और बदले में उसे वेबसाइट्स की एक लंबी सूची मिलती थी। वहीं अब उपयोगकर्ता सीधा, संक्षिप्त और सटीक उत्तर चाहता है। इसी बदलती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए Google ने SGE (Search Generative Experience) की शुरुआत की है। लेकिन यह Google SGE है क्या? What is Google SGE? और काम कैसे करता है? साथ ही यह SEO को किस तरह प्रभावित करता है? आइए, विस्तार से जानते हैं।
Google SGE क्या है?
गूगल SGE का पूरा नाम Search Generative Experience है। यह Google Search का एक AI-आधारित फीचर है, जो उपयोगकर्ता के प्रश्न को समझकर जनरेटेड (Generated) उत्तर प्रदान करता है। यह उत्तर कई विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी लेकर तैयार किया जाता है।
दूसरे शब्दों में, SGE एक ऐसा सर्च अनुभव है। जिसमें Google खुद एक “AI Assistant” की तरह काम करता है। जब आप कोई सवाल पूछते हैं, तो Google केवल वेबसाइट्स की सूची नहीं दिखाता। बल्कि पहले ही स्क्रीन पर उत्तर समझाकर दिखा देता है।
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आसान भाषा में, Google SGE दरअसल Google Search का एक नया रूप है, जिसमें Generative AI का उपयोग करके उपयोगकर्ता को सवाल का सीधा उत्तर, सारांश, स्टेप-बाय-स्टेप जानकारी और सुझाव दिए जाते हैं। यह केवल Link दिखाने तक सीमित नहीं है। बल्कि जानकारी को समझकर उसे नए तरीके से प्रस्तुत करता है।
Google SGE क्यों लाया गया?
असल में Google SGE को लाने का मुख्य कारण User Experience में सुधार लाना है। आज की तेज़ दुनिया में लोग लंबे-लंबे Webpages या Articles पढ़ने के बजाय तुरंत जवाब चाहते हैं। Google ने महसूस किया कि AI की ऐसी कर सकती है।
दूसरा कारण, ChatGPT और Bing AI जैसे टूल्स का बढ़ता प्रभाव है। Google अपने सर्च इंजन को भविष्य-सुरक्षित (Future Ready) बनाना चाहता है। ताकि उपयोगकर्ता अन्य प्लेटफॉर्म पर जाने के बजाय Google पर ही बना रहे।
Google SGE कैसे काम करता है?
गूगल एसजीई Large Language Models (LLMs) और Google के Search Index दोनों का उपयोग करता है। जब उपयोगकर्ता कोई प्रश्न पूछता है, तो पहले AI उस प्रश्न का अर्थ समझता है। अर्थात् User के Intent को समझता है कि उसकी मंशा क्या है?
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उसके बाद AI इंटरनेट पर मौजूद उच्च-गुणवत्ता वाले Content, जैसे ब्लॉग्स, आर्टिकल्स और आधिकारिक वेबसाइट्स से जानकारी लेकर एक संक्षिप्त लेकिन अर्थपूर्ण उत्तर तैयार करता है। साथ में Relevant Websites के Links भी दिए जाते हैं।
Google SGE vs Traditional Search
अब सवाल यह है कि Google SGE और Traditional Search में फर्क क्या है? क्या SGE, परंपरागत सर्च से ज्यादा बेहतर है? जैसा कि Google कहता है? या फिर कुछ और बात है? आइए, Traditional Search vs Google SGE के अंतर को विस्तार से समझते हैं।
1. Search Result दिखाने का तरीका
Traditional Search में जब कोई उपयोगकर्ता सवाल पूछता है! तो Google उसे वेबसाइट्स की एक सूची दिखाता है, जिसे आमतौर पर “10 Blue Links” कहा जाता है। उपयोगकर्ता को सही जानकारी पाने के लिए अलग-अलग वेबसाइट्स पर क्लिक करके पढ़ना पड़ता है।
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वहीं Google SGE में सबसे ऊपर AI द्वारा तैयार किया गया संक्षिप्त और समझने योग्य उत्तर दिखाया जाता है। इसमें मुख्य जानकारी पहले ही मिल जाती है। और उसके नीचे संबंधित स्रोतों के लिंक दिए जाते हैं। इससे उपयोगकर्ता को तुरंत जवाब मिल जाता है।
2. यूज़र एक्सपीरियंस (User Experience)
Traditional Search में अनुभव एक तरफ़ा होता है। उपयोगकर्ता सवाल पूछता है और बदले में लिंक्स की लिस्ट मिलती है। अगर पहला लिंक उपयोगी न हो, तो उसे दूसरे या तीसरे लिंक पर जाना पड़ता है।
लेकिन SGE में यूज़र एक्सपीरियंस ज्यादा इंटरएक्टिव और संवादात्मक हो जाता है। उपयोगकर्ता उसी सर्च के अंदर फॉलो-अप सवाल पूछ सकता है। जिससे सर्च एक बातचीत जैसा अनुभव देता है।
3. जानकारी की गहराई और प्रस्तुति
Traditional Search में जानकारी की गहराई वेबसाइट पर निर्भर करती है। कुछ वेबसाइट्स बहुत विस्तार से बताती हैं, तो कुछ आधी-अधूरी जानकारी देती हैं। उपयोगकर्ता को खुद तय करना पड़ता है कि कौन-सा स्रोत सही है।
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लेकिन SGE कई विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी लेकर उसका सार (Summary) बनाता है। जिससे जानकारी संतुलित, संक्षिप्त और आसानी से समझ में आने वाली होती है।
4. समय की बचत (Time Efficiency)
आमतौर पर Traditional Search में सही उत्तर खोजने में समय लगता है। खासकर तब, जब विषय जटिल हो। कई बार 4–5 वेबसाइट्स पढ़नी पड़ती हैं।
लेकिन SGE उपयोगकर्ता का समय बचाता है। क्योंकि जरूरी जानकारी एक ही जगह मिल जाती है। यह छात्रों, प्रोफेशनल्स और बिज़ी यूज़र्स के लिए बहुत फायदेमंद है।
5. SEO और Traffic पर प्रभाव
Traditional Search में वेबसाइट ट्रैफिक का मुख्य स्रोत Click होता है। जो वेबसाइट पहले पेज पर होती है, उसे सबसे ज्यादा Clicks मिलते हैं। यानि कि सबसे ज्यादा Web Traffic मिलता है।
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लेकिन SGE में कई बार उपयोगकर्ता को जवाब सर्च पेज पर ही मिल जाता है। जिससे Zero Click Searches बढ़ सकते हैं। इससे कुछ वेबसाइट्स का ट्रैफिक कम हो सकता है। लेकिन High Quality और Expert Content वाली Websites को अब भी फायदा मिल सकता है।
6. Content की भूमिका
Traditional Search में Keyword Optimization सबसे अहम माना जाता था। कई बार Low Quality Content भी केवल Keywords की वजह से Rank कर जाता था।
लेकिन SGE में कॉन्टेंट की गुणवत्ता, उपयोगिता और विश्वसनीयता ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। AI वही कॉन्टेंट चुनता है, जो सच में उपयोगकर्ता के सवाल का सही जवाब देता हो।
7. Follow-up और एक्सप्लोरेशन
जैसा कि आप सभी जानते हैं कि Traditional Search में हर नया सवाल अलग से सर्च करना पड़ता है। इससे सर्च प्रक्रिया लंबी हो जाती है।
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लेकिन SGE में एक ही सर्च के दौरान नए सवाल (Follow-up Questions) पूछे जा सकते हैं। इससे विषय को गहराई से समझना आसान हो जाता है।
Google SGE के प्रमुख फीचर्स
अब बात करते हैं गूगल SGE के मुख्य फीचर्स की। तो मैं आपको बात दूँ कि इसके फीचर्स वाकई कमाल के हैं। और कुछ फीचर्स तो मुझे पर्सनली इतने पसंद आए कि मैं उनकी तारीफ करते नहीं थकता। चलिए, मैं अपने फेवरेट फीचर्स (Features of Google SGE) आपको भी बताता हूँ।
1. AI-Generated Summaries
SGE का सबसे बड़ा फीचर है Summary यानि कि सारांश। यह लंबी जानकारी को छोटे और समझने योग्य रूप में प्रस्तुत करता है। जिससे समय की बचत होती है।
यह फीचर Users का काफी समय बचाता है। खासतौर पर Students, Researchers और Professionals के लिए यह बहुत उपयोगी है। और मैं भी उनमें से एक हूँ।
2. Follow-up Questions का विकल्प
जैसा कि आप भलीभांति जानते हैं कि SGE उपयोगकर्ता को Follow-up Questions की सुविधा देता है। अर्थात् यह आजादी देता है कि वह आगे क्या पूछ सकता है। इससे सर्च एक संवाद (Conversation) जैसा अनुभव बन जाता है।
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यह फीचर Google Search को सिर्फ एक टूल नहीं, बल्कि एक Digital Assistant बना देता है। जिसकी मदद से आप एक Topic को गहराई से समझ सकते हैं।
3. Multiple Sources से जानकारी
Google SGE एक ही वेबसाइट पर निर्भर नहीं रहता। यह कई विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी लेकर उत्तर बनाता है। और साथ ही उन स्रोतों के लिंक भी दिखाता है। जिससे जानकारी अधिक संतुलित और भरोसेमंद बनती है।
4. Multimodal Search
SGE मल्टीमॉडल सर्च को सपोर्ट करता है। यहां आप केवल लिखकर (Text) ही प्रश्न नहीं पूछ सकते। बल्कि बोलकर (Voice Search) और इमेज (Image) सर्च भी कर सकते हैं। यानि कि Photo को भी सर्च इनपुट के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
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इससे वे लोग भी AI-Generated Answers और Summaries पा सकते हैं, जो पढ़े-लिखे नहीं हैं। और यह फीचर Google SGE को और अधिक लचीला और सहज बनता है।
5. Responsible & Secure AI
Google SGE को गुणवत्ता और सुरक्षा नीतियों के साथ डिज़ाइन किया गया है। ताकि गलत या हानिकारक जानकारी से बचा जा सके। यह YMYL (Your Money or Your Life) जैसे संवेदनशील विषयों पर ज़्यादा फ़ोकस रखता है।
Google SGE के उपयोग
असल में, Google SGE (Search Generative Experience) का उद्देश्य केवल जानकारी खोजना नहीं है। बल्कि यूज़र को सही, सार्थक और तुरंत समझ आने वाला उत्तर देना है। आइए, इसके कुछ रियल-लाईफ उपयोग (Use Cases) देखते हैं।
1. Quick Answer देना
Google SGE किसी भी सवाल का सीधा, संक्षिप्त और समझने योग्य उत्तर देता है। और यह इसका सबसे बड़ा उपयोग है । पहले जहाँ यूज़र को 5–6 वेबसाइट खोलकर जानकारी इकट्ठा करनी पड़ती थी। वहीं अब SGE उसी जानकारी का AI-जनरेटेड सार ऊपर ही दिखा देता है।
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इससे समय की बचत होती है। और यूज़र को तुरंत अपने सवाल का समाधान मिल जाता है। खासकर “क्या”, “क्यों” और “कैसे” जैसे प्रश्नों में SGE बहुत प्रभावी साबित होता है।
2. Travel Planning के लिए
ट्रेवलर्स के लिए Google SGE बहुत उपयोगी है। अगर कोई पूछे कि “दिल्ली से जयपुर 2 दिन का ट्रिप प्लान।” तो SGE पूरा ट्रैवल प्लान, घूमने की जगहें और सुझाव दे सकता है।
यह फीचर Travel Websites के लिए चुनौती भी है और अवसर भी।
3. Shopping & Product Research
SGE का उपयोग प्रोडक्ट खरीदने से पहले फीचर्स, फायदे-नुकसान और उपयोग समझने के लिए किया जा सकता है। यह अलग-अलग स्रोतों से जानकारी लेकर एक सार देता है। जिससे यूज़र बेहतर निर्णय ले पाता है। और गलत खरीदारी की संभावना कम हो जाती है।
4. Education & Research
छात्र किसी भी टॉपिक पर जल्दी समझने योग्य जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जैसे, “Artificial Intelligence क्या है?” या “कोई 50 Windows Tips बताओ।”
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SGE ऐसे सवालों का सरल और स्पष्ट उत्तर दे देता है। जिससे पढ़ाई आसान और प्रभावी बन जाती है। खासकर, Researchers के लिए यह बेहद उपयोगी है। क्योंकि उनका बहुत सारा कीमती समय बच जाता है।
5. Creators & Bloggers के लिए
ब्लॉगर्स, यूट्यूबर्स और कॉन्टेंट क्रिएटर्स SGE का उपयोग इन चीजों के लिए कर सकते हैं :-
- Topic Research
- User Intent समझने
- Content Ideas ढूंढने
- FAQs ढूँढने
- Content Gap पहचानने
क्योंकि SGE यह दिखाता है कि यूज़र किस तरह के जवाब चाहता है। इससे SEO-friendly और AI-friendly Content बनाना आसान हो जाता है। जो कि कॉन्टेंट क्रिएटर्स के लिए काफी उपयोगी है।
Google SGE का SEO पर प्रभाव
अब आते हैं सबसे अहम सवाल पर। जिसका जवाब हर Content Creator और Blogger जानना चाहता है। और वह सवाल है, “Google SGE का SEO पर क्या प्रभाव होगा?” तो आइए, इसे विस्तार से समझते हैं।
1. Zero Click Searches में बढ़ोतरी
चूंकि Google SGE में यूज़र को सीधे सर्च पेज पर ही AI-Generated Answer मिल जाता है। इसीलिए कई सवालों के लिए यूज़र को अब वेबसाइट पर क्लिक करने की ज़रूरत नहीं पड़ती। इससे Zero-Click Searches बढ़ रहे हैं। जिससे वेबसाइट्स को Traffic नहीं मिल पाता।
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इसका SEO पर सीधा असर देखने को मिल रहा है। यानि कि बेसिक जानकारी देने वाले ब्लॉग आर्टिकल्स की क्लिक-थ्रू रेट (CTR) घट रही है। इसीलिए अब वेबसाइट को सिर्फ “उत्तर देने” से आगे बढ़कर गहराई, उदाहरण, अनुभव और एक्स्ट्रा वैल्यू देनी होगी। ताकि यूज़र आगे पढ़ने के लिए क्लिक करे।
2. Content Quality का महत्व
SGE अलग-अलग वेबसाइट्स से जानकारी लेकर सार (Summary) बनाता है। इसीलिए इसमें Thin, कॉपी-पेस्ट और सतही कॉन्टेंट जगह नहीं बना पाता। क्योंकि Google अब और ज़्यादा High-Quality, In-Depth, Trustworthy और Valuable Content को प्राथमिकता देता है।
SEO में इसका मतलब है कि अब “छोटा और जल्दी लिखा गया” कॉन्टेंट काम नहीं करेगा। हर टॉपिक को विस्तार से समझाना, उदाहरण देना और यूज़र की पूरी समस्या हल करना ज़रूरी होगा।
3. E-E-A-T का प्रभाव मज़बूत
जैसा कि आप सभी जानते हैं Google SGE में E-E-A-T (Experience, Expertise, Authoritativeness, Trustworthiness) की भूमिका पहले से कहीं ज़्यादा बढ़ गई है। AI जवाब बनाते समय उन्हीं स्रोतों को प्राथमिकता देता है, जो भरोसेमंद और विशेषज्ञ माने जाते हैं।
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SEO पर इसका यह असर पड़ेगा कि अब Anonymous और Low-Trust वेबसाइट्स को नुकसान होगा। क्योंकि SGE में लेखक की जानकारी, अनुभव आधारित कॉन्टेंट, सोर्स के साथ सही तथ्य और ब्रांड अथॉरिटी जैसी चीजें जरूरी हो गई हैं।
4. Long-Tail Keywords का महत्व
SGE खासतौर पर “क्या”, “क्यों”, “कैसे”, “क्या अंतर है”, “फायदे-नुकसान” जैसे सवालों पर बहुत मजबूत जवाब दिखाता है। इससे Long-Tail और Question-Based Keywords पहले से ज़्यादा अहम हो गए हैं।
SEO रणनीति में अब FAQs, How-To सेक्शन और स्पष्ट सवाल-जवाब वाले पैराग्राफ शामिल करना ज़रूरी हो गया है। ताकि आपका कॉन्टेंट SGE-friendly बन सके।
5. SEO से GEO की ओर
गूगल SGE ने SEO को एक नए स्तर पर पहुँचा दिया है, जिसे अब GEO (Generative Engine Optimization) के नाम से जाना जाता है। इसमें कॉन्टेंट को इस तरह लिखा जाता है कि AI उसे आसानी से समझ सके, चुन सके और रेफर कर सके।
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इसीलिए, अगर आप एक Content Creator या Blogger हैं, तो आपको GEO पर शिफ्ट होने की जरूरत है। क्योंकि भविष्य में वही वेबसाइट्स आगे रहेंगी, जो Structured, Clear, Experience-Based, User-Focused और AI-friendly Content बनाएँगी।
6. Direct Traffic की अहमियत
SGE के दौर में Direct Traffic का सबसे बड़ा योगदान होगा। और जिन वेबसाइट्स का Brand Name मजबूत होगा, उन्हें सबसे ज़्यादा फायदा मिलेगा। क्योंकि यूज़र जब भी AI-Generated Answer पढ़ने के बाद Detail में पढ़ना चाहेगा, तो वह उसी वेबसाइट पर विजिट करेगा, जिसका Brand Name सबसे ज्यादा विश्वसनीय होगा।
इसका मतलब यह है कि अब सिर्फ Google के लिए ही नहीं, बल्कि Brand Building के लिए भी SEO करना होगा। जिसमें सोशल मीडिया प्रेज़ेंस, कॉन्टेंट कंसिस्टेंसी और ऑथोरिटी शामिल है।
7. CTR कम, Qualified Traffic ज़्यादा
हालाँकि SGE की वजह से कुल Clicks कम हो सकते हैं। लेकिन जो यूज़र क्लिक करेगा वह ज़्यादा Interested और Serious होगा। यानि कि Traffic कम होगा, लेकिन जितना भी होगा बेहद Qualified होगा।
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SEO के नजरिए से यह अच्छा संकेत है। क्योंकि ऐसे यूज़र्स, जो सीरियस और इंटरेस्टेड होते हैं, वे वेबसाइट पर ज़्यादा समय बिताते हैं। जिससे कन्वर्ज़न की संभावना बढ़ती है। और Bounce Rate कम होता है।
Google SGE के फायदे
अब सवाल यह है कि Google SGE (Search Generative Experience) के फायदे क्या हैं? तो आइए, इसके फायदों (Advantages of Google SGE) को संक्षेप में समझते हैं।
- Quick और सटीक जवाब: यूज़र को सवाल का तुरंत और सटीक AI-Generated उत्तर मिलता है।
- Time की बचत: अब यूजर को एक ही जवाब के लिए कई सारी वेबसाइट खोलने की ज़रूरत नहीं पड़ती। जिससे उसका समय बचता है।
- बेहतर User Experience: सर्च एक संवाद (Conversational) जैसा लगता है। जिससे यूजर एक्सपीरियंस बेहतर होता है।
- Complex विषयों का सरल सार: SGE की मदद से यूजर्स को कठिन विषयों का सरल और आसानी से समझने योग्य सार मिलता है।
- Followup Question की सुविधा: यूजर्स को फॉलो-अप प्रश्न पूछने की सुविधा मिलती है। जिससे विषय को गहराई से समझने में मदद मिलती है।
- Multimodal Search की सुविधा: SGE की मदद से टेक्स्ट, वॉइस और इमेज से सर्च करना संभव है।
Google SGE के नुकसान
हालांकि Google SGE के बहुत-से फायदे हैं। लेकिन फायदों के साथ-साथ कुछ नुकसान भी हैं। खासकर हमारे जैसे Bloggers और Content Creators के लिए। खैर, आइए! इसके नुकसान (Disadvantages of Google SGE) भी जान लेते हैं।
- Zero-Click Searches बढ़ना: जीरो-क्लिक सर्च बढ़ने से वेबसाइट ट्रैफिक कम हो गया है।
- CTR में गिरावट: अच्छी रैंक होने पर भी कम क्लिक मिलते हैं। जिससे CTR में गिरावट आ गई है।
- Content Creators पर दबाव: अब सिर्फ बेसिक और सतही जानकारी काम नहीं करती। इसीलिए क्रिएटर्स पर In-depth जानकारी देने का दबाव बढ़ गया है।
- AI पर अधिक निर्भरता: यूज़र्स AI द्वारा दिए गए उत्तर या सार पर निर्भर हो सकते हैं। और किसी विषय पर खुद रिसर्च करना कम कर सकते हैं।
- False Information का जोखिम: AI द्वारा दिया गया उत्तर (सार) कभी-कभी संदर्भ खो सकता है। जिससे गलत और भ्रामक जानकारी फैल सकती है।
- Small Websites को नुकसान: SGE सिर्फ हाई अथॉरिटी वेबसाइट्स को प्राथमिकता देता है। जिससे नई या कम अथॉरिटी वाली साइट्स पीछे रह सकती हैं।
Google SGE के लिए Content Optimization
क्या आप एक ब्लॉगर या कॉन्टेंट क्रिएटर हैं? क्या आप भी जानना चाहते हैं कि Google SGE के लिए अपने Content को कैसे Optimize करें? अगर हाँ, तो चिंता की कोई बात नहीं है। क्योंकि मैं आपको Content Optimization for Google SGE का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका बताउंगा। वह भी संक्षेप में और बिन्दुवार :-
समय की आवश्यकता: 2 मिनट
Google SGE के लिए Content Optimization कैसे करें?
- User Intent पर फोकस करें
कॉन्टेंट ऐसा लिखें, जो यूज़र के “क्या, क्यों, कैसे” जैसे सवालों का सीधा जवाब दे।
- Clear Structure रखें:
H2, H3 हेडिंग्स, छोटे पैराग्राफ, बुलेट पॉइंट्स और टेबल्स का उपयोग करें।
- In-Depth Relevant कॉन्टेंट
केवल सतही जानकारी न दें। बल्कि विषय को उदाहरण और उपयोग के साथ गहराई से समझाएँ।
- E-E-A-T मजबूत करें:
अनुभव, विशेषज्ञता, भरोसेमंद जानकारी और लेखक की पहचान दिखाएँ। Google इसे बहुत ही गंभीरता से लेता है।
- Question-Based & Long-Tail Keywords जोड़ें:
प्रत्येक आर्टिकल में FAQs और प्राकृतिक भाषा वाले प्रश्न शामिल करें। और Long-tail Keywords का इस्तेमाल करें।
- Content को अपडेटेड रखें:
अपने कॉन्टेंट को हमेशा ताजा रखें। और पुराने Posts को नियमित रूप से अपडेट करें।
- Summary या Key Takeaways दें:
सबसे जरूरी चीज, पोस्ट के अंत में संक्षिप्त निष्कर्ष या मुख्य एक्शन बिन्दु ज़रूर जोड़ें।
Google SGE का भविष्य
अब सवाल यह है कि गूगल एसजीई का भविष्य (Future of Google SGE) क्या है? तो जहाँ तक मैं समझता हूँ, आने वाले समय में यह और ज्यादा इंटरएक्टिव, पर्सनलाइज़्ड और मल्टी-मॉडल हो सकता है। और इस बात की भी काफी संभावना है कि भविष्य में Search और Chat के बीच की रेखा ही खत्म हो जाए।
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अब आप कहेंगे कि भाई, हम Bloggers की तो पहले ही लंका लग चुकी है। न ट्राफिक आ रहा है, न रेवेन्यू। अब इससे बुरा और क्या ही होगा? तो मैं आपको बता दूं कि मैं 2010 से ब्लॉगिंग कर रहा हूँ। और मैंने वक्त के साथ टेक्नोलॉजी को बदलते देखा है। और आज फिर से हम उसी बदलाव के साक्षी बन रहे हैं।
देखो दोस्तों, वक्त के साथ हमें बदलना ही होगा। अगर नहीं बदलेंगे, तो Blogging नहीं कर पाऐंगे। कभी हम Keyword Stuffing की मदद से आसानी से Rank कर लिया करते थे। लेकिन फिर यह खत्म हो गया, और हमने अपने तरीके बदल लिए। आज फिर से AI की वजह से हमें अपने तरीके बदलने पड़ेंगे। और मैं गारंटी देता हूँ कि कुछ ही समय में हम इस तकनीक के साथ Familiar हो जाएंगे।
Google SGE : निष्कर्ष
सार यह है कि Google SGE सर्च इंजन की दुनिया में एक बड़ा बदलाव है। यह यूजर्स के लिए सुविधा और वेबसाइट मालिकों के लिए चुनौती दोनों लेकर आया है। लेकिन जो लोग समय रहते High-Quality, User-Centric और AI-Friendly Content बनाना सीख लेंगे, वे इस नए सर्च युग में आसानी से सफल हों जाएंगे।
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मैं अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा रहा हूँ। जब से गूगल ने AI-Generated Summary दिखाना शुरू किया है, मेरे ब्लॉग का ट्राफिक और रेवेन्यू – दोनों गिर गए। और आधे से भी कम रह गए। फिर मैंने 3 महीने खर्च करके अपने Content को AI और Google SGE के अनुसार Optimize किया। और अब धीरे-धीरे Traffic और Revenue दोनों बढ़ रहे हैं।
उम्मीद है इस आर्टिकल के जरिए आपको Google SGE Kya Hai? कैसे काम करता है? यह क्यों लाया गया? यह Google Search से कैसे अलग है? इसके क्या-क्या फायदे-नुकसान हैं? और इसका SEO पर क्या प्रभाव पड़ा? साथ ही Google SGE के लिए अपने Content को कैसे Optimize करें? – इन तमाम सवालों का जवाब मिल गया होगा। अगर यह आर्टिकल आपको पसंद आया तो इसे लाइक और शेयर कीजिए। और ऐसे ही और आर्टिकल्स के लिए टेकसेवी डॉट कॉम को सब्सक्राइब कर लीजिए।
Google SGE : प्रश्नोतरी
उत्तर: गूगल SGE (Search Generative Experience) Google Search का एक नया AI-आधारित फीचर है। इसमें Generative AI द्वारा यूजर को उसके प्रश्न का सीधा, संक्षिप्त और समझने योग्य उत्तर दिया जाता है।
उत्तर: सामान्य Google Search में वेबसाइट्स की सूची दिखाई जाती है। जबकि Google SGE में सबसे ऊपर AI-जनरेटेड उत्तर (सार) दिखाया जाता है।
उत्तर: हाँ। क्योंकि यूजर को उत्तर सीधे सर्च पेज पर ही मिल जाता है। इसलिए वह वेबसाइट पर विजिट नहीं करता। लेकिन क्वालिटी और भरोसेमंद कॉन्टेंट को अब भी ट्रैफिक मिलेगा।
उत्तर: Google SGE में कॉन्टेंट की गुणवत्ता, उपयोगिता और विश्वसनीयता (E-E-A-T) पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। अब केवल कीवर्ड काफी नहीं हैं, बल्कि उपयोगकर्ता के सवालों का सही और पूरा जवाब देना ज़रूरी है।
उत्तर: हाँ, लेकिन यह Google के सर्च इंडेक्स और विश्वसनीय स्रोतों से मिली जानकारी का भी उपयोग करता है।
उत्तर: यह तेज़, आसान और समझने योग्य उत्तर देकर यूज़र का समय बचाता है।
उत्तर: इसके लिए निम्न स्टेप्स फॉलो करें :-
➤ Structured Content लिखें।
➤ User Intent के अनुसार लिखें।
➤ सरल भाषा में स्पष्ट जानकारी दें।
➤ सवाल-जवाब फॉर्मेट अपनाएं।
➤ In-depth और Updated जानकारी दें।
➤ अनुभव-आधारित व भरोसेमंद जानकारी दें।

