इतने अच्छे फीचर्स के बावजूद Xiaomi के Phones इतने सस्ते क्यों होते हैं? 10 कारण

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कभी न कभी आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि आखिर इतने जबरदस्त फीचर्स के बावजूद Xiaomi के Phones इतने सस्ते क्यों होते हैं? क्योंकि हम अक्सर देखते हैं कि जो Products सस्ते होते हैंं उनकी क्वालिटी काफी घटिया होती है। लेकिन श्याओमी के मामले में ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। श्याओमी के प्रोडक्ट्स की क्वालिटी काफी अच्छी होती है। लेकिन कीमत काफी कम होती है। आखिर इसका राज क्या है? Why are Xiaomi Phones so cheap (in price)? आइए, जानते हैं इसके पीछे की 10  बड़ी वजहें।

Why Are Xiaomi Phones So Cheap?

Xiaomi अपने प्रतिद्वंदियों से काफी कम कीमत पर अपने Phone बेचती है। लेकिन फिर भी Features के मामले में कभी कोई समझौता नहीं करती। ऐसे में मन में यह सवाल उठना लाज़मी है कि आखिर Xiaomi Phones बेचकर कुछ कमाती भी है या नहीं? क्या इतने Cheap Phones बेचने से कंपनी को घाटा नहीं होता? क्योंकि Xiaomi के Phones सिर्फ Price के मामले ही Cheap (सस्ते) होते है, Features के मामले में कभी भी Cheap (घटिया) नहीं होते।

ऐसे में मन में बार-बार एक ही सवाल आता है कि आखिर श्याओमी के फोन्स इतने सस्ते क्यों होते हैं? इसका क्या कारण है? तो मैं आपको बताना चाहूँगा कि इसका कोई एक कारण नहीं है, बल्कि इसके अनेकों कारण हैं। पेश हैं उनमें  से Top-10 कारण….

1. कम मार्जिन

Xiaomi अपने Phones को बेहद कम मार्जिन पर बेचती है। आमतौर पर ज्यादातर Smartphone कंपनियाँ अपने फोन्स पर 10 से 15 प्रतिशत तक मुनाफा कमाती हैं। वहीं कुछ कंपनियाँ ऐसी भी हैं जो अपने फोन्स को 25 से 30 प्रतिशत तक के मार्जिन पर बेचती हैं। लेकिन श्याओमी अपने फोन्स पर सिर्फ 5% मुनाफा कमाती है। इसीलिए श्याओमी के Phones दूसरी कंपनियों के Phones से लगभग 5 से लेकर 25 प्रतिशत तक सस्ते होते हैंं। इससे फोन की कीमत पर काफी असर पड़ता है।

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उदाहरण के लिए मान लीजिए एक फोन की कुल लागत 20,000 रूपये है। अब उसे बेचने के लिए ऐसी कीमत तय करनी होगी कि फोन की लागत भी निकल आए और मुनाफा भी हो। अगर कोई कंपनी इस पर 30% मुनाफा कमाऐ तो फोन की कीमत 26,000 रूपये होगी। इसी तरह 25% मुनाफे पर 25,000 रूपये, 20% मुनाफे पर 24,000 रूपये, 15% मुनाफे पर 23,000 रूपये, 10% मुनाफे पर 22,000 रूपये और 5% मुनाफे पर 21,000 रूपये होगी। तो आप समझ सकते हैं कि 5% मार्जिन के कारण Xiaomi Phones की कीमत बाकी कंपनियों के फोन्स से कम होती है।

2. महंगे विज्ञापन नहीं

मान लीजिए कि आप घर से बाजार गये और बाजार से सब्जी लेकर वापिस घर आ गये। बहुत ही नॉर्मल सी बात है लेकिन क्या आपको पता है कि इस दौरान आपने Oppo-Vivo के कितने विज्ञापन देखे? सड़क से लेकर दुकान तक और खम्भे से लेकर दीवार तक हर जगह आपने ओप्पो-वीवो के बड़े-बड़े होर्डिंग्स और बैनर लगे देखे हैं। लेकिन क्या आपने श्याओमी का कोई विज्ञापन देखा? जरा ठीक से याद करके बताइए! क्या आपने श्याओमी का कोई होर्डिंग या बैनर देखा? शायद नहीं देखा होगा।

क्योंकि श्याओमी इस तरह के महंगे विज्ञापनों पर पैसा खर्च नहीं करती। इससे बेवजह फोन की कीमत नहीं बढ़ती। और कम कीमत के कारण श्याओमी के फोन्स हमेशा मीडिया की सुर्खियों में बने रहते हैं जिससे कंपनी को मुफ्त में पब्लिसिटी मिल जाती है। हालांकि आज के दिन स्मार्टफोन कंपनियों के बीच चल रही गला-काट प्रतिस्पर्धा के कारण अब श्याओमी ने भी विज्ञापन करना शुरू कर दिया है लेकिन बेहद कम। और ऑफलाइन विज्ञापन (बैनर, हॉर्डिंग्स आदि) तो बिल्कुल न के बराबर।

मैंने अपने शहर में आज तक श्याओमी का कोई भी बैनर या हॉर्डिंग लगा हुआ नहीं देखा जबकि बाकी कंपनियों के हॉर्डिंग्स हमेशा लगे ही रहते हैं। और ओप्पो-वीवो तो इस मामले में सबसे आगे हैं। यही वजह है कि वीवो अपने 15,000 रूपये की कीमत वाले Vivo Y83 मेंं Helio P22 प्रोसेसर देती है, जबकि श्याओमी सिर्फ 14,000 रूपये की कीमत वाले Redmi Note 7 Pro में Snapdragon 675 प्रोसेसर देती है। इससे आप आसानी से समझ सकते हैं कि जरूरत से ज्यादा महंगे विज्ञापनों का एक फोन की कीमत और उसके स्पेसिफिकेशन्स पर क्या असर पड़ता है।

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3. प्री-इंस्टॉल ऐप्स (Bloatware)

आपने देखा होगा कि जब आप कोई नया फोन खरीदते हैं तो उसमें कुछ Pre-Installed Apps आती हैंं जिनका न तो गूगल से कोई लेना-देना होता है और न ही Smartphone बनाने वाली कंपनी से। यानि कि ये थर्ड पार्टी ऐप्स होती हैं, जो आपके फोन में पैसे देकर डलवाई जाती हैं। और इसके बदले स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी को अच्छा-खासा पैसा मिलता है। अब यह जरूरी नहीं है कि इन Apps से आपको कोई फायदा हो। क्योंकि ये Apps आपके फायदे के लिए नहीं, बल्कि कंपनी के फायदे के लिए होती हैंं।

तकनीकी भाषा में इन ऐप्स को ब्लोटवेयर (Bloatware) कहा जाता है। और लगभग हर स्मार्टफोन निर्माता कंपनी अपने फोन्स में इस तरह की ऐप्स को इंस्टॉल करके देती है। श्याओमी भी इनमें से एक है। श्याओमी अपने फोन्स में Amazon और Flipkart जैसी कंपनियों की मोबाइल ऐप्स इंस्टॉल करके देती है, जिसके बदले श्याओमी को इन कंपनियों से पैसा मिलता हैं। और इसका फायदा श्याओमी के साथ-साथ उसके ग्राहकों को भी मिलता है। क्योंकि इससे श्याओमी के फोन्स की कीमत कम हो जाती है।

4. Xiaomi Phones में विज्ञापन

आपने देखा होगा कि Xiaomi Phones में सैटिंग्स पेज और Mi Apps के अंदर विज्ञापन दिखाये जाते हैं। दरअसल श्याओमी अपने फोन्स में दूसरी कंपनियों के विज्ञापन दिखाती है, जिसके बदले श्याओमी को पैसा मिलता है। इस तरह कंपनी अपना खर्चा निकाल लेती है। यानि कि अपना खर्चा निकालने के लिए कंपनी को Phones की कीमत नहीं बढ़ानी पड़ती। तो एक यह भी बड़ी वजह है Xiaomi Phones के सस्ते होने की।

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5. Xiaomi Phones के सस्ते पार्ट्स

आमतौर पर एक Smartphone User एक या डेढ़ साल तक अपने फोन को यूज करता है। उसके बाद नया फोन लेता है क्योंकि तब तक नई Technology आ जाती है। और चीनी स्मार्टफोन कंपनियाँ इस बात को भलीभांति समझती हैं इसलिए वे अपने Phones में सस्ते पुर्जे (Parts) इस्तेमाल करती हैं जो एक-डेढ साल तक आराम से चल जाऐं। Xiaomi भी अपने Phones में सस्ते पुर्जे इस्तेमाल करती है जिससे फोन की लागत काफी कम हो जाती है। और इस वजह से फोन की कीमत पर भी काफी असर पड़ता है। यानि कि फोन की कीमत कम हो जाती है।

और वैसे भी एक स्मार्टफोन पर एक साल की वारंटी दी जाती है। यानि कि जब तक फोन वारंटी पीरियड में होता है तब तक फोन में कोई दिक्कत नहीं होती या बहुत कम होती है। और वारंटी पीरियड के बाद अगर कोई दिक्कत होती भी है तो सर्विस सेंटर वाले सीधा पुर्जा बदलकर दे देते हैं और उसका अलग से पैसा लेते हैंं। यानि कि इसमें भी कंपनी का फायदा ही है। ऐसे में 100 साल चलने वाले पुर्जों पर कौन पैसा बर्बाद करना चाहेगा?

6. स्टॉक व रखरखाव का खर्चा नहीं

श्याओमी अपने Phones को फ्लैश सेल के जरिए बेचती है और सारे यूनिट्स हाथों-हाथ बिक जाते हैं। क्योंकि Xiaomi मांग के अनुसार डिवाइस असेंंबल करती है। जबकि दूसरी कई कंपनियाँ जो अपने फोन्स को ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी बेचती हैं, उन्हें लाखों यूनिट्स स्टॉक में रखने पड़ते हैं। जिससे गोदाम का किराया, रखरखाव और ट्रांंसपोर्ट का खर्चा मिलाकर उनके Phones की कीमत बढ़ जाती है। लेकिन श्याओमी को स्टॉक और उसके रखरखाव का खर्चा नहीं देना पड़ता। इससे Xiaomi Phones की कीमत नहीं बढ़ती।

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7. जेनेरिक डिजायन

एप्पल, सैमसंग, एलजी और सोनी जैसी बड़ी कंपनियाँ अपने फोन्स के डिजायन खुद बनाती हैं, जो उनके R&D सेंटर्स की रिसर्च के आधार पर तैयार किया जाता है। डिजायन तैयार करने के बाद उसे कई तरह से टेस्ट किया जाता है और हर टेस्ट में पास होने के बाद ही उस डिजायन को फाइनल किया जाता है। इस प्रक्रिया में बहुत सारा समय और पैसा खर्च होता है, जो फोन की कीमत में जोड़कर ग्राहकों से वसूला जाता है। जिससे फोन की कीमत बढ़ जाती है।

लेकिन श्याओमी जैसी चीनी कंपनियाँ अपने बहुत-से फोन्स का डिजायन खुद नहीं बनाती बल्कि पहले से बने बनाये और टेस्ट किए हुए डिजायन में अपने पुर्जे फिट करके फोन बना देती हैं। इससे रिसर्च और R&D का खर्चा बच जाता है जिसके कारण फोन की कीमत काफी कम हो जाती है।

8. Xiaomi स्वंय मैन्युफैक्चरर

Xiaomi चीन की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है और यह सिर्फ फोन ही नहीं बल्कि सैंकड़ों अन्य Products का निर्माण भी करती है। ऐसे में अपने Phones के ज्यादातर पार्ट्स कंपनी खुद ही बनाती है। सिर्फ रैम और प्रोसेसर ही दूसरी कंपनियों से खरीदती है। जबकि अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियाँ अपने फोन्स के बहुत से पार्ट्स चाईनीज कंपनियों से खरीदती हैंं जिस पर उन्हें इंपोर्ट ड्यूटी के साथ-साथ माल भाड़ा और स्थानीय कर देना पड़ता है। और इसकी वजह से उनके फोन्स की लागत बढ़ जाती है। और फिर लागत के हिसाब से ही फोन की कीमत तय होती है। इसीलिए इन कंपनियों के Phones की कीमत ज्यादा जाती है।

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9. एसेसरीज में कटौती

इस वक्त स्मार्टफोन कंपनियों के बीच जबरदस्त प्राइस-वॉर छिड़ा हुआ है। हर कंपनी चाहती है कि उसके फोन्स की कीमत प्रतिस्पर्धी कंपनी के फोन्स से कम हो। और इसके लिए आजकल स्मार्टफोन कंपनियाँ नये-नये तरीके ढूँढ रही हैं। एसेसरीज में कटौती करना भी ऐसा ही एक तरीका है जिससे फोन की कीमत 500 से 1000 रूपये तक कम हो जाती है। श्याओमी भी अपने फोन्स के साथ इयरफोन्स नहीं देती। साथ ही फोन की कैपिसिटी के बराबर फास्ट चार्जर भी नहीं देती। यानि कि कम वॉट का एडेप्टर देती है। इससे फोन की कीमत 500 से 1000 रूपये तक कम हो जाती है।

10. मार्केटिंग स्ट्रेटेजी

आपने देखा होगा कि Xiaomi के सभी Phones सस्ते नहीं हैंं। कुछ ही फोन्स ऐसे होते हैं जो बेहद कम कीमत पर लॉन्च किए जाते हैं। इसके पीछे की वजह है मार्केटिंग स्ट्रेटेजी। श्याओमी अपने कुछ फोन्स को जान-बूझकर कम कीमत पर लॉन्च करती है ताकि मार्केट में उसकी हाईप बनी रहे। इससे कंपनी को काफी फायदा होता है। वह लोगों का ध्यान खींचने और मीडिया की सूर्खियां बटोरने में कामयाब हो जाती है। जिससे कंपनी की सेल पर भी काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए Xiaomi अपने Phones की कीमत कम रखती है।

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मैं मेघराज मुंशी, एक वेब डिजायनर, ग्राफिक आर्टिस्ट और ब्लॉगर हूँ। वैसे पेशे से मैं एक शिक्षक हूँ और शिक्षा विभाग राजस्थान में कार्यरत हूँ। पढ़ने-पढ़ाने और लिखने के अलावा मुझे फिल्में देखना बहुत पसंद है। साहित्य, संगीत, सिनेमा, अंतरिक्ष, विज्ञान और तकनीकी मेरे पसंदीदा विषय हैं।

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