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Keyword Density क्या है? और यह क्यों जरूरी है? – Techsevi

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हर ब्लॉगर चाहता है कि उसकी पोस्ट Google के पहले पेज पर दिखाई दे। लेकिन यह काम इतना आसान नहीं है। क्योंकि इसके लिए कई सारे Factors को ध्यान में रखता पड़ता है। जैसे कि Keyword Density को ही ले लीजिए। यह एक ऐसा फैक्टर है, जो Post को Rank करवाने में काफी मदद करता है। लेकिन सवाल यह है कि Keyword Density होती क्या है? और यह कैसे मापी जाती है? साथ ही एक Blog Post के लिए अधिकतम और न्यूनतम कीवर्ड डेंसिटी कितनी होनी चाहिए? आइए, जानते हैं।

Keyword Density

किसी Blog Post को Google पर Rank करने के लिए क्या चाहिए? जाहिर-सी बात है High Ranking Keywords चाहिए। लेकिन अगर किसी पोस्ट में बहुत सारे हाई रैंकिंग कीवर्ड्स ठूँस दिए जाऐं तो क्या वह Trend करने लगेगी? जाहिर-सी बात है नहीं। क्योंकि कीवर्ड्स को इस्तेमाल करने का भी एक तरीका होता है। एक अनुपात होता है, जो Ranking के लिए बहुत जरूरी होता है। अगर यह अनुपात जरूरत से ज्यादा हो जाता है तो SEO को नुकसान पहुँचाता है। इसीलिए इस अनुपात को Maintain रखना बहुत जरूरी है।

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किसी पोस्ट में बिना जरूरत के बेहिसाब कीवर्ड्स को ठूँसना Keyword Stuffing कहलाता है। और यह Google की नजरों में एक अपराध है। यानि कि गूगल की नीतियों का उल्लंघन है। इसीलिए जो ब्लॉग Keyword Stuffing का दोषी पाया जाता है, Google उसे दंडित करता है। यानि कि उसकी Ranking Down कर देता है। और उसकी पोस्ट्स को Search Results में दिखाना बंद कर देता है। इसीलिए Keyword Stuffing से बचें। और Keyword Density का ध्यान रखें।

Keyword Density क्या है?

किसी पोस्ट में एक Particular Keyword का घनत्व Keyword Density कहलाता है। अर्थात् किसी पोस्ट के कुल शब्दों में एक Particular Keyword का योगदान (प्रतिशत में) कीवर्ड डेंसिटी कहलाता है। उदाहरण के लिए मान लीजिए कि आपने SEO Keyword पर एक 1000 शब्दों की पोस्ट लिखी। और उसमें 20 बार SEO शब्द का इस्तेमाल किया। तो 1000 शब्दों के हिसाब से SEO कीवर्ड का योगदान हुआ 2 प्रतिशत। क्योंकि 20÷1000×100 = 2. इस तरह एसईओ कीवर्ड की डेंसिटी हो गई 2 प्रतिशत।

दरअसल कीवर्ड डेंसिटी चैक करने के लिए Keyword Density Formula है, जो कि इस प्रकार है:- Keyword की संख्या ÷ पोस्ट के कुल शब्दों की संख्या × 100 = Keyword Density Percentage

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इसी तरह अगर 4000 शब्दों वाली पोस्ट में कोई कीवर्ड 20 बार इस्तेमाल किया जाए! तो उसकी Density सिर्फ 0.50% होगी, जो कि बहुत कम है। लेकिन अगर कीवर्ड की संख्या 100 होगी तो डेंसिटी 2.5% हो जाएगी, जो कि काफी अच्छी है। इस तरह आप किसी भी Keyword की Density पता कर सकते हैं। अगर आप चाहें, तो इस काम में किसी Tool की मदद भी ले सकते हैं। दरअसल इस काम के लिए कई सारे Keyword Density Calculator टूल्स मौजूद हैं। खैर, Tools के बारे में हम आगे बात करेंगे।

Ideal Keyword Density

अगर आदर्श Keyword Density की बात करें तो 1 से 2% कीवर्ड डेंसिटी को सबसे बेस्ट माना जाता है। यानि कि यह आदर्श कीवर्ड डेंसिटी है। लेकिन बहुत से SEO Experts का मानना है कि कीवर्ड डेंसिटी हमेशा 1 से 3% के बीच होनी चाहिए। यानि कि न्यूनतम 1% और अधिकतम 3%. लेकिन 3% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यानि कि औसतन 2% कीवर्ड डेंसिटी सबसे बेस्ट है। क्योंकि यह दोनों मतों के हिसाब से Perfect है। इसीलिए इसे Ideal Keyword Density माना जा सकता है।

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हालांकि वैसे तो Blog Post लिखते वक्त पता चल जाता है कि पोस्ट में कितने शब्द हो चुके हैं? और कितनी बार Focus Keyword आ चुका है? लेकिन अगर आपके Text Editor में यह सुविधा नहीं है, तो आप किसी Keyword Density Tool की मदद ले सकते हैं। इसके लिए कई सारे टूल्स मौजूद हैं।

Keyword Density Cheaker

वैसे तो कीवर्ड डेंसिटी चैक करने के लिए दर्जनों टूल्स मौजूद हैं। लेकिन यहाँ मैं सिर्फ 5 टूल्स के बारे में बता रहा हूँ, जो कि पूरी तरह Free हैं। इनमें से शुरू के चार टूल्स Text और Link दोनों को Support करते हैं। लेकिन अंतिम टूल में Text का ऑप्शन नहीं है। इसके अलावा दूसरे टूल (SEOBook) को इस्तेमाल करने के लिए आपको Login करने की जरूरत पड़ेगी।

कीवर्ड डेंसिटी अधिक होने पर

जब आप किसी पोस्ट में एक ही कीवर्ड को बार-बार इस्तेमाल करते हैं। तो उसकी डेंसिटी काफी ज्यादा हो जाती है। और यह उस Post के लिए काफी नुकसानदेह साबित होती है। क्योंकि इससे न सिर्फ पोस्ट की Content Quality प्रभावित होती है। बल्कि SEO पर भी काफी बुरा असर पड़ता है। साथ ही Google ऐसी Posts को Spammy समझकर Ignore करना शुरू कर देता है। यानि कि Search Results में दिखाना बंद कर देता है। जिससे न सिर्फ उस पोस्ट की, बल्कि Blog की रैंक भी Down हो जाती है।

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इसीलिए Keywords को बार-बार Repeat करने से बचें। और कीवर्ड डेंसिटी को 2% के आस-पास रखने की कोशिश करें। साथ ही कीवर्ड्स को सही जगह पर इस्तेमाल करें। अब आप पूछेंगे कि यह सही जगह कहाँ होती है? तो सही जगह से मेरा मतलब है

  • पोस्ट का शीर्षक (Title)
  • प्रथम पैराग्राफ
  • H2 Heading
  • H3 Heading
  • पोस्ट का मध्य भाग
  • अंतिम पैराग्राफ
  • Image ALT Tags
  • अन्य (अगर जरूरी हो तो)

सारांश

कुल मिलाकर कीवर्ड डेंसिटी On-Page SEO का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। और यह Content Quality को Improve करने में मदद करता है। यानि कि Content को ज्यादा से ज्यादा उपयोगी बनाने में मदद करता है। साथ ही Spam Score को भी Control करता है। ताकि User को ज्यादा से ज्यादा Valuable Information मिले।

उम्मीद है इस आर्टिकल के जरिए आपको Keyword Density Kya Hai? और इसे कैसे Calculate किया जाता है? इस विषय में उपयोगी जानकारी मिली होगी। साथ ही कीवर्ड डेंसिटी टूल्स के बारे में भी जानने को मिला होगा। अगर यह आर्टिकल आपको पसंद आया तो इसे लाईक और शेयर कीजिए। और इसी तरह के और Articles के लिए टेकसेवी डॉट कॉम को सब्सक्राइब कर लीजिए। ताकि जैसे ही कोई नया आर्टिकल पब्लिश हो, आपको उसकी सूचना मिल जाए।

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“Keyword Density क्या है? और यह क्यों जरूरी है? – Techsevi” पर 1 विचार

  1. Deer sir, HAPPY NEW YEAR to you. Mujhe ummeed thi ki aaj aap jaroor blog post karege. New year ki shubhkamnaon ke sath hum Eeshwar se prarthana karte hai ki aapko itni Shakti aur yogyata de ki aapke dwara hamara margdarshan hota rahe. Aapke jaisi jankari shayad hi koi deta hoga.Mai poori life aapko subscribe karke rakhoonga. Aane wale dino me nayi-nayi jankariyon ki ummeed ke saath———-SAHAB LAL YADAV, from Saudi Arab.

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